Yuvraj Singh: वाइट बॉल क्रिकेट में भारतीय टीम के बड़े मैच विनर रहे युवराज सिंह को उनके करियर के अंतिम समय में मदद नहीं मिली. जिसके कारण ही उन्होंने सभी को चौंकाते हुए अचानक संन्यास का ऐलान किया था. युवी ने इस बारे में बहुत कम बात की है. अब टीम इंडिया के सिक्सर किंग जाने वाले युवी ने संन्यास के असली कारणों पर बोला है. उस समय टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम का हाल अब युवी ने बताया है. संन्यास पर दिया उनका बयान अब चर्चा का विषय बन गया है.
युवराज सिंह ने संन्यास को लेकर किया बड़ा खुलासा
कैंसर होने के बाद भी युवराज सिंह ने आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2011 में टीम इंडिया के लिए खेला था. उस समय उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके टीम इंडिया को ट्रॉफी दिलाई थी. जिसके बाद भी उन्हें फेयरवेल मैच नहीं मिला.
इस बारे में बात करते हुए सानिया मिर्जा के पॉडकास्ट में युवी ने कहा, ‘मैं अपने खेल का मजा नहीं ले रहा था. मुझे लग रहा था कि जब मुझे मजा नहीं आ रहा तो मैं क्रिकेट क्यों खेल रहा हूं? मुझे सपोर्ट नहीं मिल रहा था. मुझे इज्जत नहीं मिल रही थी और मुझे लगा, जब मेरे पास ये नहीं है तो मुझे यह करने की क्या जरूरत है? मैं किसी ऐसी चीज में क्यों उलझा हुआ हूँ जिसमें मुझे मजा नहीं आ रहा? मुझे खेलने की क्या जरूरत है? क्या साबित करने के लिए? मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकता, मेंटली या फिजिकली यह मुझे दुख दे रहा था और जिस दिन मैंने खेलना बंद किया, मैं फिर से वही बन गया.’
🚨Yuvraj Singh made a shocking revelation, explaining why he left cricket🚨
YUVRAJ SINGH SAID:🗣️
“I was not enjoying my game. It's a very thin line. I had a feeling that 'why am I playing cricket when I'm not enjoying it?' I was not feeling supported. I was not feeling… pic.twitter.com/SFSmwtDYyH---विज्ञापन---— Shanu (@Shanu_3010) January 29, 2026
ये भी पढ़ें: दिल्ली क्रिकेट के 2 खिलाड़ियों पर लगे गंभीर आरोप, नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोप पर DDCA ने दी प्रतिक्रिया
नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर बोले युवराज सिंह
पूर्व भारतीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने युवी को बचपन में खेलते देखा था. जिसके बाद उन्होंने कहा था कि युवा का क्रिकेटर बन पाना मुश्किल है. जिसको युवराज के पिता योगराज सिंह ने अच्छे से नहीं लिया था. जिसके बारे में बोलते हुए युवी ने कहा, ‘अब, जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मुझे लगता है कि उनके पास मुझे ठीक से देखने का टाइम नहीं था. वह बस मेरे पापा के साथ अच्छे से पेश आए. फिर जाहिर है, वह उस समय इंडिया के लिए खेल रहे थे, तो शायद उन्होंने ऐसा कहा होता. मैं उस समय 13-14 साल का था, बस एक स्पोर्ट को समझ रहा था. मैं इसे पर्सनली नहीं लेता, लेकिन मेरे पापा ने इसे पर्सनली लिया.’
ये भी पढ़ें: PAK vs AUS: भारत में कब और कहां देखें पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला? बाबर आजम पर होंगी निगाहें










