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‘बौना’ कहने को लेकर पहली बार आया टेंबा बावुमा का रिएक्शन, बोले-‘बुमराह और पंत ने…’

Jasprit Bumrah and Rishabh Pant Apologized To Temba Bavuma: 'बौना' कहने के बाद टीम इंडिया के क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत ने दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा से माफी मांग ली थी.

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Temba Bavuma First Reaction on ‘Bauna’ Comment: दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा ने बताया कि जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत ने पहले टेस्ट में ईडन गार्डेन्स में ‘बौना’ कमेंट के लिए उनसे माफी मांगी थी. बावुमा ने कहा कि वो मैदान पर कही गई बातों को भूलते नहीं हैं और इसे मोटिवेशन के तौर इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि भारतीय खिलाड़ियों के साथ कोई शिकायत नहीं है. साउथ अफ्रीका की टीम का इंडिया टूर शानदार रहा, जहां उन्होंने टेस्ट सीरीज 2-0 से जीती और वनडे में भी शानदार खेल दिखाया, हालांकि वो 50 ओवर की सीरीज 2-1 से हार गए. टी20 सीरीज में ज्यादातर एकतरफा रही, जिसमें भारत ने 3-1 से जीत हासिल की.

‘बुमराह-पंत ने मांगी माफी’

बावुमा ने ‘ESPNCricinfo’ के लिए एक कॉलम में लिखा, ‘मुझे अपनी तरफ से पता है कि एक घटना हुई थी जहां उन्होंने अपनी भाषा में मुझसे जुड़ा कुछ कहा. दिन के आखिर में दोनों सीनियर खिलाड़ी, ऋषभ पंत और जसप्रीत बुमराह, आए और माफी मांगी. जब माफी दी गई, तब मुझे ये नहीं पता था कि ये किस बारे में थी, मैं उस वक्त इसे नहीं सुन पाया था और मुझे इसके बारे में हमारे मीडिया मैनेजर से जानकारी लेनी थी. मैदान पर जो होता है, वो मैदान पर ही रहता है लेकिन आप ये नहीं भूलते कि क्या कहा गया था. आप इसे ईंधन और मोटिवेशन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, लेकिन निजी तौर पर कोई रंजिश नहीं होती.’

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यह भी पढ़ें- ‘अब किस बात का इंतजार है?’ वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में शामिल करने की अपील कर रहे शशि थरूर

कोच की ‘ग्रोवेल’ वाली टिप्पणी पर भी बोले बावुमा

टेंबा बावुमा ने ये भी कहा कि कोच शुक्री कॉनरैड प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘ग्रोवेल’ शब्द का इस्तेमाल करने से बच सकते थे, जिससे काफी हंगामा हुआ. कॉनरैड ने बाद में इस कमेंट के लिए माफी मांगी और कहा कि इसे ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया. वो बोले, ‘शुक्री को भी अपनी ‘ग्रोवेल’ वाली टिप्पणी के लिए आलोचना झेलनी पड़ी. मीडिया ने उस तरफ से मुझ पर दबाव डाला, मुझसे उन कमेंट्स पर सफाई देने के लिए कहा गया. मुझे लगा कि शुक्री ही वो शख्स हैं जो इस सब का सही संदर्भ दे सकते हैं. ‘जब मैंने पहली बार इसके बारे में सुना, तो इसका टेस्ट अच्छा नहीं था, लेकिन मुझे लगता है कि इसने मुझे याद दिलाया कि टेस्ट सीरीज कितनी मुश्किल और कॉम्पिटिटिव थी और ग्रुप के कुछ लोगों के लिए इसका क्या मतलब था. शुक्री ने वनडे सीरीज के बाद बात की और उस मुद्दे को खत्म कर दिया. बाद में, उन्होंने कहा कि वो बेहतर शब्द चुन सकते थे और मैं उनसे सहमत हूं,’

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टेस्ट में फतह पर क्या कहा?

भारत में शानदार टेस्ट सीरीज जीतने पर, बावुमा ने कहा कि उन्हें पता था कि सीरीज मुश्किल होगी. ‘आप इसे इस तरह से स्वीकार नहीं करना चाहते हैं, लेकिन कुछ जख्म अभी भी हैं. आप बस उम्मीद करते हैं कि आप उन जख्मों को फिर से न खोलें या उन पलों को फिर से न जिएं. मानसिक तौर पर ये बात थी, लेकिन साथ ही, पिछले तजुर्बे से, आपको पता होता है कि ये मुश्किल होने वाला है.’

First published on: Dec 25, 2025 09:29 AM

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About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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