Cricketers Doping Rules: भारत सरकार डोपिंग के नियमों को लेकर लगातार सख्त होती नजर आ रही है. डोपिंग के नियमों के अनुसार खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन पर जेल तक हो सकती है. डोपिंग में फेल होने पर खिलाड़ियों को 2 से 4 साल तक की सजा हो सकती है. खेल मंत्रालय की तरफ से डोपिंग को लेकर नियम के अनुसार अब क्रिकेटर्स भी इस लिस्ट में शामिल हो चुके हैं. इसका सीधा मतलब ये हुआ है क्रिकेटरों को भी नाडा के बुलाने पर टेस्ट के लिए जाना होगा. अगर कोई खिलाड़ी डोपिंग में पॉजिटिव पाया जाता है तो खिलाड़ियों के मेडल, पुरस्कार और प्राइज मनी तक वापस ली जा सकती है.
सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं होंगे जिम्मेदार
डोपिंग में पॉजिटिव पाए जाने पर सिर्फ खिलाड़ियों को ही सजा नहीं दी जाएगी. इसी के साथ प्रतिबंधित पदार्थ की तस्करी और बेचने वालों को भी अपराध की श्रेणी में लाया जाएगा. इसके तहत सरकार राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून में फिर बदलाव करने जा रही है. इसके साथ जो लोग या डॉक्टर खिलाड़ियों को जानबूझकर प्रतिबंधित दवाएं लिखते हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए खेल मंत्रालय की तरफ से वेबसाइट पर जनती की राय भी मांगी गई है. होने वाले संशोधन के अनुसार कोई अगर खिलाड़ी को प्रतिबंधित पदार्थ देता हुआ पकड़ा जाता है तो उसे 5 साल की सजा तक हो सकती है.
NADA की लिस्ट में क्रिकेटर्स भी शामिल
नाडा की लिस्ट में 14 क्रिकेटर के नाम शामिल हैं. इसमें शुभमन गिल, वनडे उप कप्तान श्रेयस अय्यर, यशस्वी जायसवाल, हार्दिक पंड्या, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल, अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा का नाम शामिल है. महिला क्रिकेटरों में से स्मृति मंधाना और जेमिमा का नाम भी लिस्ट में हैं. ये सूची हर साल नाडा की तरफ से अपडेट की जाती है. इन खिलाड़ियों को जब भी डोपिंग टेस्ट के लिए नोटिस दिया जाएगा इनको पहुंचना होगा. ऐसा नहीं करने पर खिलाड़ी मुश्किल में घिर सकते हैं.
ये भी पढ़िए- IPL 2026 के बीच नए टूर्नामेंट की तारीख आई सामने, MI और RCB के खिलाड़ी भी दिखाएंगे अपना दम
Cricketers Doping Rules: भारत सरकार डोपिंग के नियमों को लेकर लगातार सख्त होती नजर आ रही है. डोपिंग के नियमों के अनुसार खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन पर जेल तक हो सकती है. डोपिंग में फेल होने पर खिलाड़ियों को 2 से 4 साल तक की सजा हो सकती है. खेल मंत्रालय की तरफ से डोपिंग को लेकर नियम के अनुसार अब क्रिकेटर्स भी इस लिस्ट में शामिल हो चुके हैं. इसका सीधा मतलब ये हुआ है क्रिकेटरों को भी नाडा के बुलाने पर टेस्ट के लिए जाना होगा. अगर कोई खिलाड़ी डोपिंग में पॉजिटिव पाया जाता है तो खिलाड़ियों के मेडल, पुरस्कार और प्राइज मनी तक वापस ली जा सकती है.
सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं होंगे जिम्मेदार
डोपिंग में पॉजिटिव पाए जाने पर सिर्फ खिलाड़ियों को ही सजा नहीं दी जाएगी. इसी के साथ प्रतिबंधित पदार्थ की तस्करी और बेचने वालों को भी अपराध की श्रेणी में लाया जाएगा. इसके तहत सरकार राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून में फिर बदलाव करने जा रही है. इसके साथ जो लोग या डॉक्टर खिलाड़ियों को जानबूझकर प्रतिबंधित दवाएं लिखते हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए खेल मंत्रालय की तरफ से वेबसाइट पर जनती की राय भी मांगी गई है. होने वाले संशोधन के अनुसार कोई अगर खिलाड़ी को प्रतिबंधित पदार्थ देता हुआ पकड़ा जाता है तो उसे 5 साल की सजा तक हो सकती है.
NADA की लिस्ट में क्रिकेटर्स भी शामिल
नाडा की लिस्ट में 14 क्रिकेटर के नाम शामिल हैं. इसमें शुभमन गिल, वनडे उप कप्तान श्रेयस अय्यर, यशस्वी जायसवाल, हार्दिक पंड्या, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल, अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा का नाम शामिल है. महिला क्रिकेटरों में से स्मृति मंधाना और जेमिमा का नाम भी लिस्ट में हैं. ये सूची हर साल नाडा की तरफ से अपडेट की जाती है. इन खिलाड़ियों को जब भी डोपिंग टेस्ट के लिए नोटिस दिया जाएगा इनको पहुंचना होगा. ऐसा नहीं करने पर खिलाड़ी मुश्किल में घिर सकते हैं.
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