नई दिल्ली: टेस्ट क्रिकेट बदल रहा है और इस बदलते क्रिकेट का नजारा इंग्लैंड दुनिया को दिखा रहा है। शुक्रवार से शुरू हुई एशेज सीरीज के पहले दिन इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौंकाने वाला फैसला लेते हुए 78 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 393 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। जबकि इस वक्त इंग्लैंड के पास उसके सबसे मजबूत बल्लेबाज जो रूट मैदान पर तबाही मचा रहे थे। रूट 152 गेंदों में 7 चौके-2 छक्के ठोक 118 रन बनाकर खेल रहे थे। दूसरे छोर पर ओली रॉबिनसन 17 रन बनाकर नाबाद थे, लेकिन इंग्लिश कप्तान बेन स्टोक्स ने पारी घोषित कर चौंका दिया।
स्टोक्स के फैसले ने कर दिया हैरान
स्टोक्स चाहते तो कम से कम 400 रन बनने का इंतजार कर सकते थे या फिर 12 ओवर और खेलकर दूसरे दिन की रणनीति बना लेते। रूट और रॉबिनसन कम से कम आज का दिन तो आसानी से निकाल लेते, लेकिन स्टोक्स के इस फैसले ने क्रिकेटप्रेमियों को हैरत में डाल दिया। इसके बाद से ही लगातार फैंस ‘बैजबॉल’ को लेकर ट्वीट कर रहे हैं।
क्या ये है बैजबॉल इफेक्ट?
फैंस का कहना है कि क्या ये बैजबॉल इफेक्ट है, जिसे एग्रेसिव क्रिकेट के साथ इंग्लैंड ब्रैंडन मैकुलम के कोच बनने के बाद लागू कर चुका है। दरअसल, बैजबॉल के तहत इंग्लैंड ने ताबड़तोड़ अंदाज में ही शुरुआत की थी। ओपनर जैक क्रॉले ने पहली ही गेंद पर चौका ठोक इसकी झलक दिखा दी थी। इसके बाद जॉनी बेयरस्टो, मोईन अली और जो रूट जैसे बल्लेबाजों ने भी इसी रणनीति के तहत बेखौफ बल्लेबाजी की। शायद यही वजह है कि इंग्लैंड ने इसे वनडे की तरह खेला और महज 78 ओवर में ही पारी घोषित कर दी।
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दो भागों में बंटे फैंस
इंग्लैंड के इस फैसले पर क्रिकेट फैंस दो भागों में बंट गए हैं। एक ओर जहां इस फैसले को लेकर कुछ फैंस ने इसे नए क्रिकेट का उदय कहा है तो दूसरी ओर कुछ ने इसे बेवकूफी भरा फैसला बताया है। वैसे सबसे कम स्कोर पर पारी घोषित करने की बात की जाए तो ये रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के नाम दर्ज है जिसने एडिलेड 24-नवंबर 2016 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 259/9 पर पारी घोषित कर दी थी।