---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Religion angle-right

Yogini Ekadashi: 21 рдЬреВрди рдХреЛ рд╣реИ рдпреЛрдЧрд┐рдиреА рдПрдХрд╛рджрд╢реА, рдиреЛрдЯ рдХрд░ рд▓реЗрдВ рдЗрд╕ рджрд┐рди рдХреЗ рд╢реБрдн рдореБрд╣реВрд░реНрдд; рднреВрд▓рдХрд░ рднреА рди рдХрд░реЗрдВ рдпреЗ 5 рдХрд╛рдо

Yogini Ekadashi: рдЖрд╖рд╛рдврд╝ рдХреГрд╖реНрдг рдкрдХреНрд╖ рдХреА рдпреЛрдЧрд┐рдиреА рдПрдХрд╛рджрд╢реА рд╡реНрд░рдд 21 рдЬреВрди, 2025 рдХреЛ рд░рдЦрд╛ рдЬрд╛рдПрдЧрд╛ред рднрдЧрд╡рд╛рди рд╡рд┐рд╖реНрдгреБ рдФрд░ рдорд╛рддрд╛ рд▓рдХреНрд╖реНрдореА рдХреА рдкреВрдЬрд╛ рдХрд░ рдЙрдирдХреА рдХреГрдкрд╛ рдкрд╛рдиреЗ, рдкрд╛рдкреЛрдВ рд╕реЗ рдореБрдХреНрддрд┐ рдФрд░ рдЖрддреНрдорд╛ рдХреА рд╢реБрджреНрдзрд┐ рдХреЗ рд▓рд┐рдП рд╕рдорд░реНрдкрд┐рдд рдЗрд╕ рд╡реНрд░рдд рдХреЗ рджрд┐рди рдХреБрдЫ рдХрд╛рдо рднреВрд▓ рд╕реЗ рднреА рдирд╣реАрдВ рдХрд░рдирд╛ рдЪрд╛рд╣рд┐рдПред рдЖрдЗрдП рдЬрд╛рдирддреЗ рд╣реИрдВ, рдЗрд╕ рд╡реНрд░рдд рдХреЗ рд▓рд┐рдП рд╢реБрдн рдореБрд╣реВрд░реНрдд рдФрд░ рдкрд╛рд░рдг рдЯрд╛рдЗрдорд┐рдВрдЧ рдХреНрдпрд╛ рд╣реИ рдФрд░ рдХреМрди-рд╕реЗ рдХрд╛рдо рдХрд░рдиреЗ рд╕реЗ рдмрдЪрдирд╛ рдЪрд╛рд╣рд┐рдП?

---рдЦрдмрд░ рдиреАрдЪреЗ рдЬрд╛рд░реА рд╣реИ---

Yogini Ekadashi: आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए बहुत खास है और भक्तों के लिए पवित्र और फलदायक माना गया है। माना जाता है कि योगिनी एकादशी का व्रत करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है और मन की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। वैष्णव लोग यह भी मानते हैं कि यह एकादशी आत्मा को शुद्ध करने और अच्छे कर्मों का फल पाने का एक खास अवसर है। इस व्रत से पापों से छुटकारा मिलता है और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।

द्रिक पंचांग पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि शनिवार 21 जून, 2025 को सुबह 7 बजकर 18 मिनट से शुरू होकर यह अगले दिन रविवार 22 जून, 2025 की सुबह में 4 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगी। व्रत, त्योहार और पर्व के लिए उदयातिथि नियम के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत 21 जून को ही रखा जाएगा। आइए जानते हैं, इस दिन के शुभ मुहूर्त क्या हैं, इस दिन क्या नहीं करना चाहिए और योगिनी एकादशी का पारण टाइम कब है?

---खबर नीचे जारी है---

ये भी पढ़ें: धन होगा आपकी ओर आकर्षित, बुरे सपने आने हो जाएंगे बंद; रात में करें ये सरल उपाय

योगिनी एकादशी दिन के शुभ मुहूर्त

द्रिक पंचांग पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:

---खबर नीचे जारी है---
  • ब्रह्म मुहूर्त: 04:04 AM से 04:44 AM
  • प्रातः सन्ध्या: 04:24 AM से 05:24 AM
  • अभिजित मुहूर्त: 11:55 AM से 12:51 PM
  • अमृत काल: 01:12 PM से 02:41 PM
  • विजय मुहूर्त: 02:43 PM से 03:39 PM
  • गोधूलि मुहूर्त: 07:21 PM से 07:41 PM
  • सायाह्न सन्ध्या: 07:22 PM से 08:22 PM
  • निशिता मुहूर्त: 12:03 AM, जून 22 से 12:43 AM, जून 22

आपको बता दें कि योगिनी एकादशी पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त और गोधूलि मुहूर्त श्रेष्ठ माने जाते है।

योगिनी एकादशी पारण टाइम

ज्योतिषाचार्य हर्षवर्धन शांडिल्य के अनुसार, एकादशी का व्रत जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण एकादशी व्रत का पारण यानी व्रत तोड़ने का समय भी होता है। व्रत रखने वाले साधक-साधिका को पारण टाइम को फॉलो करना बेहद जरूरी है। द्रिक पंचांग के अनुसार, योगिनी एकादशी व्रत का पारण टाइम इस प्रकार है:

---खबर नीचे जारी है---
  • योगिनी एकादशी व्रत पारण मुहूर्त: 22 जून को 01:47 PM से 04:35 PM
  • पारण तिथि 22 जून के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय: 09:41 AM

योगिनी एकादशी के दिन न करें ये काम

हिन्दू धर्म में योगिनी एकादशी बहुत ही पवित्र दिन माना जाता है। इस दिन व्रत और पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति आती है। लेकिन अगर इस दिन कुछ जरूरी नियमों का पालन न किया जाए, तो व्रत का फल नहीं मिलता और जीवन में परेशानियां आ सकती हैं। इसलिए इस दिन विशेष सावधानी बरतना जरूरी होता है। आइए जानते हैं, इस दिन कौन-से 5 काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए?

  • इस दिन चावल, मांस, मछली, अंडा, मसूर दाल, लहसुन, प्याज, शराब जैसी चीजें नहीं खानी चाहिए। इनसे व्रत का फल कम हो जाता है।
  • इस दिन झगड़ा, गुस्सा या दूसरों की बुराई नहीं करना चाहिए। किसी को धोखा देना या अपमानित भी नहीं करना चाहिए।
  • इस दिन काले कपड़े न पहनें और साथ ही इस दिन झूठ बोलने से बचें।
  • एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना मना है, इसलिए न तोड़ें। साथ इस दिन बाल और नाखून भी न काटें।
  • एकादशी के दिन देर तक नहीं सोना चाहिए। दिन में भी सोने से भी बचें।

ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: मूर्ख व्यक्ति सहित इन लोगों को सलाह देना है अपने ही पैर में कुल्हाड़ी मारना, भूलकर भी न करें ये गलती

---खबर नीचे जारी है---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jun 18, 2025 07:53 AM

End of Article
---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola