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Eating With Left Hand: बाएं हाथ से भोजन करना क्यों माना गया है अशुभ? जानिए क्या कहते हैं धर्मशास्त्र

Eating With Left Hand: यह आपने भी सुना है कि भोजन और प्रसाद हमेशा दाएं हाथ से ही लेना चाहिए. कई लोगों को यह सिर्फ परंपरा लगती है, लेकिन इसके पीछे स्वच्छता, संस्कृति और योग से जुड़े कारण भी बताए जाते हैं. धर्मशास्त्र और आयुर्वेद इसे जीवनशैली का हिस्सा मानते हैं. आइए जानते हैं, आखिर इस परंपरा के पीछे क्या तर्क हैं?

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Eating With Left Hand: हम सभी को अपने परिवार में अक्सर यह सलाह सुनने को मिलती है कि भोजन या प्रसाद हमेशा दाएं हाथ से ही लेना चाहिए. कई लोगों को यह केवल परंपरा या पुरानी सोच लग सकती है, लेकिन इसके पीछे स्वच्छता, संस्कृति और योग से जुड़े कई दिलचस्प कारण बताए जाते हैं. धर्मशास्त्र, आयुर्वेद और सामाजिक अनुशासन के नजरिएं से देखें तो यह परंपरा सिर्फ मान्यता नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा रही है. आइए जानते हैं, इस पर धर्मशास्त्र, विज्ञान और योग क्या कहते हैं?

बाएं हाथ से भोजन करना क्यों अशुभ?

भारतीय परंपराओं में भोजन को केवल खाने की प्रक्रिया नहीं माना गया. इसे एक पवित्र कर्म की तरह देखा जाता है. इसलिए भोजन से जुड़े कई नियम बनाए गए. उनमें से एक नियम है कि खाना हमेशा दाएं हाथ से किया जाए. यह नियम धर्म, स्वच्छता और जीवनशैली से जुड़े कई कारणों से बना.

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स्वच्छता से जुड़ा व्यावहारिक नियम

प्राचीन समय में आधुनिक साबुन या सैनिटाइजर नहीं होते थे. ऐसे में शरीर की सफाई बनाए रखने के लिए समाज ने एक सरल व्यवस्था अपनाई. बाएं हाथ को शारीरिक स्वच्छता से जुड़े कार्यों के लिए तय किया गया.

दूसरी ओर दाएं हाथ का उपयोग भोजन और धार्मिक कामों में किया जाता था. इसका उद्देश्य यह था कि भोजन में कीटाणु न जाएं. यह नियम दरअसल स्वास्थ्य और स्वच्छता की सुरक्षा के लिए बनाया गया था. आज भी कई संस्कृतियों में यह आदत देखने को मिलती है.

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शुभ-अशुभ की सांस्कृतिक धारणा

भारतीय दर्शन में शरीर के दाएं हिस्से को शुभ माना जाता है. पूजा, आरती, हवन या दान जैसे काम दाएं हाथ से ही किए जाते हैं. मान्यता है कि दाएं हाथ से किया गया कार्य सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होता है. इसलिए भोजन जैसे महत्वपूर्ण काम में भी उसी हाथ का उपयोग करने की परंपरा विकसित हुई.

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मां अन्नपूर्णा का रूप है भोजन

भारतीय संस्कृति में अन्न को देवी अन्नपूर्णा का आशीर्वाद माना जाता है. इस कारण भोजन के प्रति सम्मान दिखाने की परंपरा रही है. रसोई को भी पवित्र स्थान माना गया. इसलिए भोजन पकाने, परोसने और खाने में शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया गया. दाएं हाथ से भोजन करना इसी सम्मान की अभिव्यक्ति माना जाता है.

योग विज्ञान से है नाता

योग के अनुसार शरीर में कई ऊर्जा मार्ग होते हैं जिन्हें नाड़ी कहा जाता है. दाएं भाग को पिंगला या सूर्य नाड़ी से जोड़ा जाता है. यह ऊर्जा, गर्मी और सक्रियता का प्रतीक मानी जाती है. आयुर्वेद के अनुसार दाएं हाथ से भोजन करने पर शरीर की जठराग्नि सक्रिय होती है. इससे पाचन प्रक्रिया बेहतर हो सकती है. हाथ से भोजन करने पर व्यक्ति भोजन के स्वाद और तापमान को भी अधिक महसूस करता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Mar 16, 2026 02:58 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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