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Vidur Niti: इन 5 लोगों को भूल से भी न लगाएं पैर, दुख और परेशानियों से भरा रहेगा जीवन

Vidur Niti: महात्मा विदुर के अनुसार 5 लोग ऐसे हैं जिन्हें पैर लगाना अशुभ होता है. क्या आप जानते हैं, किनके पैरों को छूना जीवन में संकट ला सकता है और यदि गलती हो जाए तो माफी लेना जरूरी क्यों है?

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Vidur Niti: महात्मा विदुर ने अपनी नीति में बताया है कि हिन्दू धर्म संस्कृति के अनुसार, 5 व्यक्तियों को पैर लगाना पूरी तरह से अशुभ होता है. यह सिर्फ नियम नहीं, बल्कि जीवन में सुख और शांति बनाए रखने का मार्गदर्शन भी है. यदि गलती से ऐसा हो जाए, तो तुरंत माफी मांगना चाहिए. यह सिद्धांत हमें सम्मान, श्रद्धा और समाजिक मर्यादाओं का पाठ पढ़ाता है. आइए जानते हैं, किन 5 लोगों को भूल से भी पैर नहीं लगाना चाहिए?

गुरु हैं देवता से भी बड़े

विदुर नीति के अनुसार, किसी भी शिक्षा देने वाले गुरु को पैर नहीं लगाना चाहिए. गुरु को सम्मान देना हर व्यक्ति का धर्म है. अगर भूल से ऐसा हो जाए, तो तुरंत माफी मांगें. यह केवल संस्कार नहीं, बल्कि गुरु के प्रति श्रद्धा और जीवन में सही मार्ग प्राप्त करने का संकेत भी है.

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देवी का रूप है कन्या

हिंदू धर्म में कन्या को देवी का रूप माना गया है. महात्मा विदुर के अनुसार, किसी कन्या को पैर लगाना अशुभ होता है. यह परिवार और समाज में सम्मान बनाए रखने का भी माध्यम है. छोटे सम्मान भी जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं.

भगवान का रूप हैं छोटे बच्चों

छोटे बच्चों को भगवान का रूप माना जाता है. इसलिए उनके पैरों को छूना अशुभ होता है. विदुर नीति बताती है कि जो व्यक्ति छोटे बच्चों के पैरों को गलती से भी लगाता है, वह परेशानियों और दुखों से घिरा रहता है.

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देवता समान हैं अतिथि

हिंदू धर्म में अतिथि देवता के रूप में सम्मानित होते हैं. चाहे वे उम्र में छोटे हों या बड़े, उनका पैर छूना अशुभ माना जाता है. यह परंपरा समाज में आतिथ्य और सत्कार की भावना बनाए रखती है.

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जीवनदाता हैं माता-पिता

माता-पिता को भगवान का दर्जा दिया गया है. उनके पैरों को छूना अशुभ होता है. अगर गलती से ऐसा हो जाए, तो तुरंत माफी मांगना चाहिए. यह नीति पारिवारिक संबंधों में सम्मान और स्नेह बनाए रखने का मार्ग है.

हिन्दू संस्कार है श्रेष्ठ

आपको बता दें कि विदुर नीति सिर्फ इन 5 व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सिखाती है कि सम्मान और मर्यादा जीवन के हर रिश्ते में बनाए रखना जरूरी है. हिन्दू संस्कार के अनुसार, यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी व्यक्ति का अपमान न हो. छोटे व्यवहार भी बड़ी समस्याओं से बचा सकते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Mar 20, 2026 11:24 PM

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श्यामनंदन कुमार पिछले 20+ वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है। वे स्वयं वैदिक ज्योतिष (पाराशरीय), अंक ज्योतिष (न्यूमरोलॉजी) और सामुद्रिक शास्त्र के क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और एक सक्रिय ज्योतिष हैं। वे साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं और वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके।  धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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