Difference Between Tithi And Date: तिथि और तारीख दो ऐसे शब्द हैं, जिनका इस्तेमाल रोजमर्रा की बातचीत में बहुत ज्यादा होता है. जब कोई व्यक्ति हमसे पूछता है कि “आज क्या तारीख है?” या “आज क्या तिथि है?” तो आमतौर पर इसका हम एक ही जवाब देते हैं, जो कि गलत है. धर्म, ज्योतिष और आधुनिक विज्ञान के नजरिए से तिथि और तारीख में बहुत बड़ा अंतर है. इन्हें एक कहना या समझना बिल्कुल भी ठीक नहीं है. आज हम आपको ‘तिथि’ और ‘तारीख’ को एक समझने वाले शब्दों के बीच के अंतर के बारे में विस्तार से बताएंगे.
तिथि क्या है?
तिथि को वैदिक पंचांग का एक चरण माना जाता है, जो कि चंद्रमा की गति पर आधारित है. पंचांग की ‘तिथि’ का समय निश्चित नहीं होता है. ये आमतौर पर सूर्य और चंद्रमा के बीच की कोणीय दूरी यानी Position से तय होती है. एक चंद्रमास में कुल 30 तिथियां होती हैं, जिन्हें 15-15 दिनों के शुक्ल और कृष्ण पक्षों में बांटा गया है. सबसे पहले प्रतिपदा तिथि आती है, जिसे पड़वा कहते हैं. इसके बाद द्वितीया यानी दूज, तृतीया यानी तीज, चतुर्थी यानी चौथ, पंचमी यानी पांचवां, षष्ठी यानी छठ, सप्तमी यानी सातम, अष्टमी यानी आठम, नवमी यानी नौमी, दशमी यानी दसम, एकादशी यानी ग्यारस, द्वादशी यानी बारस, त्रयोदशी यानी तेरस और चतुर्दशी यानी चौदस पूर्णिमा तिथि आती है. इसके अलावा शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा कहते हैं, जबकि कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या कहलाती है.
बता दें कि तिथि बदलने का कोई सटीक समय नहीं है. ये सुबह, दोपहर, शाम या रात, कभी भी बदल सकती है क्योंकि चंद्रमा की गति सदा एक जैसी नहीं रहती है. आमतौर पर एक तिथि 19 से 26 घंटे की होती है.
तारीख क्या है?
तारीख को अंग्रेजी में डेट (Date) कहते हैं, जो कि सूर्य पर आधारित अंग्रेजी कैलेंडर से तय की जाती है. भारत में एक साथ तारीख बदली जाती है, जो कि कुल 24 घंटे की होती है. तारीख न 24 घंटे से ज्यादा और न ही 24 घंटे से कम की होती है. रात के 12 बजते ही अगला दिन शुरू हो जाता है, जिसके साथ ही तारीख बदल जाती है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.