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Bride Rice Throwing Custom: विदाई के समय दुल्हन क्यों फेंकती है चावल? जानिए शादी की इस अनोखी परंपरा का रहस्य

Bride Rice Throwing Custom: विवाह में विदाई के समय दुल्हन के द्वारा चावल को फेंकना एक अनोखी परंपरा है. क्या आप जानते हैं, विदाई के समय दुल्हन ऐसा क्यों करती हैं? यदि नहीं तो जानिए समृद्धि, शुभता, सम्मान और प्रेम से भरे शादी की इस अनोखी परंपरा का महत्व और रहस्य.

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Bride Rice Throwing Custom: शादी के बाद दुल्हन का मायके से विदा होना एक भावुक क्षण होता है. इस वक्त दुल्हन पीछे मुड़कर चावल फेंकती है. विदाई में दुल्हन द्वारा चावल फेंकना केवल रस्म नहीं, बल्कि एक गहरी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा है. लेकिन, यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरा सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व छिपा है. यह रस्म दुल्हन के दिल की शुभकामनाओं और परिवार के प्रति सम्मान का प्रतीक है. आइए जानते हैं, विदाई के समय दुल्हन क्यों फेंकती है?

समृद्धि-शुभता का प्रतीक है चावल

हिंदू मान्यताओं में चावल को धन, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है. इसलिए विदाई के समय चावल फेंकना मायके में हमेशा सुख, धन और अन्न की पूर्ति की कामना दर्शाता है. दुल्हन इस रस्म के जरिए अपने घर और मायके दोनों के लिए सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली की प्रार्थना करती है.

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परिवार के लिए सम्मान का भाव

दुल्हन जब चावल फेंकती है, तो वह अपने परिवार का आभार व्यक्त करती है. माता-पिता और बड़े-बुजुर्गों को सम्मान देने के साथ-साथ यह संकेत भी है कि दुल्हन अपने घर में अन्नपूर्णा और खुशियों की व्यवस्था बनी रहे. यह रस्म परिवारिक बंधनों और परंपराओं को मजबूत करने का एक तरीका भी है.

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मायके के लिए सुख-समृद्धि की कामना

विदाई के समय दुल्हन अपने मायके के लिए चावल फेंकती है. इसका मतलब है कि वह अपने माता-पिता और भाई-बहनों के जीवन में हमेशा खुशहाली और धन-वैभव बना रहे. यह क्रिया यह भी दर्शाती है कि दुल्हन अपने पुराने घर की परवाह करती है और वहां सुख-शांति की प्रार्थना करती है.

बुरी नजर और सकारात्मक ऊर्जा

इस रस्म का एक और महत्व है, वह बुरी नजर से बचाव. चावल फेंकने की परंपरा से परिवार पर बुरी नजर का प्रभाव कम माना जाता है. इसे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने और सभी के लिए खुशहाली बनाए रखने की प्रथा भी माना जाता है.

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दुल्हन के लिए भावुक पल

चावल फेंकना दुल्हन के लिए एक भावुक पल भी होता है. यह पल उसके नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक है और साथ ही पुराने घर की यादों और प्यार को सम्मान देने का तरीका भी. यह रस्म दुल्हन को यह अहसास दिलाती है कि वह अपने घर और परिवार से हमेशा जुड़े रहेंगे.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Nov 25, 2025 07:38 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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