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Shakun Shastra: केवल अशुभ नहीं है ‘छींक’, देती है सफलता और पैसों का संकेत, जानें सही समय और दिशा

Shakun Shastra: शकुन शास्त्र में छींक केवल अशुभ नहीं मानी जाती है. क्या आप जानते हैं कब और कैसी छींक सफलता, धन और सौभाग्य का संकेत देती है? आइए जानते हैं, छींक का सही समय और दिशा जो जीवन में शुभ संकेत लाती है?

Author Written By: Shyamnandan Updated: Jan 20, 2026 19:19
Shakun-Shastra

Shakun Shastra: शकुन शास्त्र में छींक के अर्थ को अक्सर गलत समझा जाता है. लोग इसे सिर्फ नकारात्मक घटना मान लेते हैं. लेकिन पुरानी मान्यताओं के अनुसार, छींक हमेशा बुरी नहीं होती है. इसकी दिशा, समय और परिस्थिति यह तय करती है कि यह संकट की चेतावनी है या सफलता का संकेत. आइए जानते हैं, कौन, कब और कैसी छींक शुभ होती है और इससे क्या संकेत मिलते हैं?

छींक और बाधाओं का संबंध

कुछ परिस्थितियों में छींक आने का मतलब होता है आने वाली बाधा. उदाहरण के लिए, अगर आप घर से बाहर कदम रख रहे हों और कोई सामने से छींक दे, तो इसे कार्य में विफलता का संकेत माना जाता है. ऐसे समय थोड़ी देर रुककर पानी पीना शुभ माना गया है. इसी तरह, दूध उबालते समय महिला की छींक परिवार में किसी सदस्य की बीमारी की चेतावनी देती है.

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छींक और बहस-झगड़े

यदि किसी बहस के दौरान छींक आती है, तो इसे मामला और बिगड़ने वाला संकेत माना जाता है. वहीं, घर से बाहर निकलते समय कुत्ते की छींक किसी अज्ञात भय या विपत्ति का संकेत देती है. ऐसे संकेतों को नजरअंदाज करना नहीं चाहिए.

छींक कब जगाती है सौभाग्य?

हर छींक बुरी नहीं होती. अगर किसी मांगलिक काम के लिए निकलते समय गाय छींक दे, तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है. यह सफलता और आकस्मिक धन लाभ का संकेत है. दवाई लेते समय छींक आने का मतलब व्यक्ति जल्दी स्वस्थ होने वाला है. अगर छींक बाईं ओर या पीठ के पीछे सुनाई दे, तो यह कार्यों की सिद्धि और मंगलकारी माना जाता है.

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खरीदारी के समय की छींक

बाजार में कोई वस्तु खरीदते समय छींक आना लाभदायक माना जाता है. यह भविष्य में उस वस्तु से सुख और लाभ मिलने का संकेत है. छोटी-छोटी घटनाओं में भी छींक हमें भविष्य की जानकारी देती है.

छींक की संख्या का महत्व

शकुन शास्त्र के अनुसार छींक की संख्या भी मायने रखती है. अगर छींक सम संख्या में आए, जैसे 2, 4 या 6, तो यह पहली छींक के दोष को समाप्त कर देती है. ऐसे समय इसे शुभ फलदायी माना जाता है.

छींक की सही दिशा और समय

छींक का सही समय और दिशा जानना भी जरूरी है. यही तत्व यह तय करते हैं कि छींक शुभ है या अशुभ. इसलिए मान्यता है कि छींक से जुड़े संकेतों को ध्यान से देखना चाहिए.

इस प्रकार, छींक केवल शरीर की प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि शकुनशास्त्र के मुताबिक यह हमारे जीवन में आने वाली घटनाओं का संकेत भी देती है. सही समय और दिशा का मेल हमें धन, सफलता और स्वास्थ्य से जोड़ता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jan 20, 2026 07:19 PM

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