---विज्ञापन---

Religion angle-right

रावण को किसने दिया था श्राप? स्त्री को मर्जी के बिना छुआ तो हो जाएंगे सिर के 100 टुकड़े

Ravan Ko Kisne Shrap Diya Tha: रावण को कई वरदान मिले थे, जिनके बारे में अधिकतर लोगों को पता है. लेकिन क्या आपको ये पता है कि रावण को एक श्राप भी मिला था. वाल्मीकि रामायण के अनुसार, श्राप के कारण ही रावण कभी भी किसी स्त्री को उसकी मर्जी के बिना स्पर्श नहीं कर सकता था. चलिए जानते हैं रावण को ये श्राप किसने और क्यों दिया था.

---विज्ञापन---

Ravan Ko Kisne Shrap Diya Tha: रावण सभी वेदों का ज्ञाता था, जिसे देवों के देव महादेव ने कई वरदान दिए थे. हालांकि, रावण को वरदान के साथ-साथ एक श्राप भी मिला था, जिस कारण उसका वध भी हो सकता था. इसी श्राप के कारण रावण माता सीता को स्पर्श (छू) नहीं कर पाया था. चलिए जानते हैं रावण को किसी भी स्त्री को उसकी मर्जी के बिना स्पर्श न करने का श्राप किसने और क्यों दिया था.

अपनी पुत्रवधू से किया था दुराचार

वाल्मीकि रामायण के उत्तरकांड के अध्याय 26 और श्लोक 39 के अनुसार, एक बार रावण अपने सौतेले भाई कुबेर से मिलने के लिए स्वर्ग में उसके शहर अलाका गया था. जहां पर उसे अप्सरा रंभा दिखाई दी. रंभा की खूबसूरती देखकर रावण मोहित हो गया और उससे गलत व्यवहार करने लगा. रंभा ने रावण का विरोध किया और उसे बताया कि वो उसके भाई कुबेर के बेटे नलकुबेर की होने वाली अर्धांगी यानी पत्नी है. रिश्ते में वो रावण की पुत्रवधू लगती है.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें- Ram Birth Story: ऐसे हुआ था भगवान राम का दिव्य अवतार, जानें राजा दशरथ के घर उनके जन्म की अद्भुत कथा

सौतेले भाई के बेटे ने दिया था श्राप

रावण ने अप्सरा रंभा की बात नहीं मानी और उसके साथ दुराचार (गलत व्यवहार) किया. जब यह बात रावण के सौतेले भाई धन के देवता कुबेर जी के बेटे नलकुबेर को पता चली तो उन्होंने रावण को श्राप दिया. उन्होंने रावण से कहा कि आज से यदि तुमने किसी भी स्त्री को उसकी मर्जी के बिना स्पर्श किया तो तुम्हारे सिर के 100 टुकड़े हो जाएंगे. इसके बाद से रावण ने कभी भी किसी स्त्री को उसकी मर्जी के बिना स्पर्श करने का प्रयास नहीं किया.

---विज्ञापन---

रावण ने माता सीता को स्पर्श नहीं किया था

रावण ने अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए राम जी की पत्नी माता सीता का छल से अपहरण जरूर किया था, लेकिन कभी भी उन्हें स्पर्श नहीं किया था.

ये भी पढ़ें: Sita Birth Story: सीता जी का नाम क्यों पड़ा ‘सीता’? जानें राजा जनक के घर जन्म लेने की उनकी अद्भुत कथा

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Nov 22, 2025 12:16 PM

End of Article

About the Author

Nidhi Jain

निधि की पढ़ने और लिखने में हमेशा से रुचि रही है. पिछले 3 साल से वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रही हैं. न्यूज 24 से जुड़ने से पहले निधि जैन दिल्ली प्रेस संस्थान में कार्यरत थीं. निधि ने Guru Jambheshwar University, Hisar Haryana से BJMC (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई की है.

📧 Email: nidhi.jain@bagconvergence.in

🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/nidhi-jain-47119a191

🐦 Twitter/X: https://x.com/jainidhi125?

Read More

Nidhi Jain

निधि की पढ़ने और लिखने में हमेशा से रुचि रही है. पिछले 3 साल से वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रही हैं. न्यूज 24 से जुड़ने से पहले निधि जैन दिल्ली प्रेस संस्थान में कार्यरत थीं. निधि ने Guru Jambheshwar University, Hisar Haryana से BJMC (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई की है.

📧 Email: nidhi.jain@bagconvergence.in

🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/nidhi-jain-47119a191

🐦 Twitter/X: https://x.com/jainidhi125?

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola