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Religion

Ram Navami 2025: 5 या 6 अप्रैल, कब है राम नवमी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

हर साल चैत्र मास में आने वाली शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राम नवमी का पर्व मनाया जाता है, जिस दिन भगवान राम का जन्म हुआ था। हालांकि इस बार नवमी तिथि को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है। चलिए जानते हैं साल 2025 में 5 अप्रैल या 6 अप्रैल, किस दिन राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा।

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Edited By : Nidhi Jain Updated: Mar 22, 2025 12:06
Ram Navami 2025

सनातन धर्म के लोगों के लिए राम नवमी के पर्व का खास महत्व है। ये पर्व भगवान राम को समर्पित है। मान्यता है कि त्रेता युग में चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान राम का जन्म हुआ था। इसलिए हर साल इस तिथि पर राम नवमी का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो लोग राम नवमी पर भगवान राम की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं, उन्हें देवता से विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही घर-परिवार में खुशी, सुख, शांति, धन और वैभव आदि का वास होता है। चलिए जानते हैं साल 2025 में किस दिन राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा।

2025 में कब है राम नवमी?

वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस साल नवमी तिथि का आरंभ 5 अप्रैल 2025 को शाम 07 बजकर 26 मिनट से हो रहा है, जिसका समापन अगले दिन 6 अप्रैल 2025 को शाम 07 बजकर 22 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर इस बार 6 अप्रैल 2025, दिन रविवार को राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा।

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6 अप्रैल 2025 के मुहूर्त

  • सूर्योदय- प्रात: काल 6:18
  • मध्याह्न मुहूर्त- सुबह 11:08 से लेकर दोपहर 01:39 मिनट तक
  • राहुकाल- शाम में 5:07 से लेकर 6:40 मिनट तक
  • अभिजीत मुहूर्त- दोपहर में 12:04 से लेकर 12:54 मिनट तक
  • अमृत काल- सुबह 11:46 से लेकर अगले दिन प्रात: काल 01:25 मिनट तक
  • ब्रह्म मुहूर्त- प्रात: काल में 04:41 से लेकर 05:29 मिनट तक
  • मध्याह्न का क्षण- दोपहर 12:24

राम नवमी की पूजा विधि

  • पर्व के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें। स्नान आदि कार्य करने के बाद शुद्ध पीले या हरे रंग के कपड़े धारण करें।
  • घर के मंदिर में एक चौकी रखें। उसके ऊपर पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। कपड़े के ऊपर भगवान राम की मूर्ति को स्थापित करें।
  • हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लें।
  • घी का दीपक जलाएं।
  • राम जी को गंगाजल, पंचामृत, फल, फूल, चोला, मिठाई और तुलसी का पत्ता अर्पित करें। इस दौरान रामचरितमानस का पाठ करें।
  • घी के दीपक से राम जी की आरती करें।
  • व्रत का पारण करने से पहले जरूरतमंदों को धन का दान करें।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Mar 22, 2025 12:06 PM

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