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Navratri 2026: 19 मार्च को चैत्र नवरात्रि पर अमावस्या का साया, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Chaitra Amavasya On Navratri 2026: 19 अप्रैल 2026 से मां दुर्गा को समर्पित 9 दिन के पर्व चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो जाएगी, जिस दिन अमावस्या तिथि का भी संयोग बन रहा है. ऐसे में घटस्थापना के मुहूर्त को लेकर लोगों के मन में कन्फ्यूजन है, जो कि आज इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद दूर हो जाएगी.

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Chaitra Amavasya On Navratri 2026: सनातन धर्म के लोगों के लिए चैत्र नवरात्रि के पर्व का खास महत्व है, जो कि कुल 9 दिनों तक मनाया जाता है. इस दौरान मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा करने के साथ-साथ व्रत रखा जाता है, जबकि पहले दिन घटस्थापना करके माता रानी को अपने घर में आने का न्यौता दिया जाता है. मान्यता है कि चैत्र नवरात्रि में दुर्गा उपासना से पाप नष्ट होते हैं, जिसके बाद जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली, धन, वैभव और ऐश्वर्या आदि का वास होता है. हालांकि, इस बार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अमावस्या का संयोग बन रहा है, जिस दौरान घटस्थापना करना शुभ नहीं होता है.

चलिए जानते हैं चैत्र नवरात्रि की तिथि, अमावस्या की तिथि, घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि आदि के बारे में.

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चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अमावस्या तिथि का समय

द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस बार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 18 मार्च 2026 की सुबह 8 बजकर 25 मिनट से लेकर 19 मार्च 2026 की सुबह 6 बजकर 52 मिनट तक रहेगी. इसके बाद चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा, जो अगले दिन 20 मार्च 2026 को सुबह 04 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में 19 मार्च 2026 से ही चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, जिस दिन ही घटस्थापना यानी कलश स्थापना होगा.

चैत्र नवरात्रि की घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

19 मार्च 2026 को सुबह 06 बजकर 52 मिनट से सुबह 07 बजकर 43 मिनट तक घटस्थापना का शुभ मुहूर्त है. अगर किसी कारण से इस मुहूर्त में आप घटस्थापना न कर पाएं तो दोपहर 12:05 मिनट से दोपहर 12:53 मिनट के बीच अभिजित मुहूर्त में भी कलश स्थापना कर सकते हैं.

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घटस्थापना की पूजा विधि

  • मंदिर को गंगाजल से शुद्ध करें.
  • एक साफ कलश लें. उसमें मिट्टी डालें और जौ बोएं.
  • अब एक और कलश लें और उस पर कलावा बांधें.
  • कलश में गंगाजल, रोली, सुपारी, इत्र, सिक्का, अक्षत और दूर्वा घास डालें.
  • कलश के ऊपर 5 से 7 आम के पत्ते रखने के बाद एक नारियल और लाल चुनरी रखें.
  • अब कलश को जौ वाले पात्र के ऊपर रखें और चौकी के ऊपर रख दें.
  • चौकी पर मां दुर्गा की मूर्ति रखें और उन्हें रोली, अक्षत, वस्त्र, चुनरी, फल, फूल और प्रसाद चढ़ाएं.
  • देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 16, 2026 03:42 PM

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About the Author

Nidhi Jain

निधि की पढ़ने और लिखने में हमेशा से रुचि रही है. पिछले 3 साल से वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रही हैं. न्यूज 24 से जुड़ने से पहले निधि जैन दिल्ली प्रेस संस्थान में कार्यरत थीं. निधि ने Guru Jambheshwar University, Hisar Haryana से BJMC (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई की है.

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निधि की पढ़ने और लिखने में हमेशा से रुचि रही है. पिछले 3 साल से वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रही हैं. न्यूज 24 से जुड़ने से पहले निधि जैन दिल्ली प्रेस संस्थान में कार्यरत थीं. निधि ने Guru Jambheshwar University, Hisar Haryana से BJMC (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई की है.

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