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कलाई पर कितने दिन तक बांधे रखें राखी? उतारते समय भी रखें ‘दिशा’ और ‘मुहूर्त’ का ध्यान!

Rakhi Wearing Rules: जिस तरह राखी बांधते समय शुभ मुहूर्त का ध्यान रखा जाता है, उसी तरह इसे उतारते समय भी दिशा और मुहूर्त का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं कि राखी कम से कम कितने दिनों तक पहननी चाहिए और इसे कब उतार देना सही होता है?

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Rakhi Wearing Rules: हिन्दू धर्म में हर शुभ काम के लिए नियम बने हैं, लेकिन जीवन की व्यस्तता में हम जरूरी नियमों को भूलते जा रहे हैं। यह रक्षाबंधन के दिन बांधी गयी राखी के लिए भी लागू होता है। जिस प्रकार राखी बांधने के लिए भद्रा, पंचक, राहु काल सहित बैठने की दिशा आदि का ध्यान रखा जाता है। उसी प्रकार राखी उतारने में भी थोड़ी सावधानी रखने की जरूरत है। आइए जानते हैं, भाइयों को अपनी कलाई पर कितने दिनों तक राखी बंधी रहने देनी चाहिए और इसे कैसे उतारना चाहिए?

कम से कम इतने दिन पहनें राखी

इस साल भाई-बहन के बीच के अटूट प्रेम का पर्व राखी का त्योहार सोमवार 19 अगस्त, 2024 को मनाया गया है। इस दिन सावधानी और एहतियात से शुभ-अशुभ मुहूर्त देख कर राखी बांधा जाता है। इसलिए इसको उतारने में हड़बड़ी नहीं करनी करनी चाहिए। कहते हैं, इसे कम से कम 7 दिन तक कलाई पर बंधी रहनी देनी चाहिए। इस दौरान यदि यह अपने आप खुल कर निकल जाए तो फिर धारण करने की जरूरत नहीं है।

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इससे अधिक दिन न बांधे राखी

बता दें कि राखी में बहन के स्नेह, प्रेम, आशा, विश्वास, समर्पण, शुभकामना और आशीष की सकारात्मक ऊर्जा भरी होती है। यह कहें कि यह धागा हार्दिक भावनाओं से अभिमंत्रित होती है, तो अधिक उचित है। इसलिए न तो राखी तुरंत उतारनी चाहिए और न ही ज्यादा दिनों तक बंधी रखनी चाहिए। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, अधिक से अधिक 21 दिन के बाद राखी को उतार रख देनी चाहिए, क्योंकि धीरे-धीरे इसकी सकारात्मक ऊर्जा समाप्त होने लगती है।

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राखी उतारने का मुहूर्त

कलाई पर ज्यादा दिनों तक राखी बंधी रहने से अशुद्ध हो सकती है, जिसका नेगेटिव प्रभाव पड़ सकता है। हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, राखी उतारते समय भी दिन और मुहूर्त का देखा जाना जरूरी है। शुभ मुहूर्त में बांधी गयी राखी को एक अच्छे मुहूर्त में ही उतारना चाहिए।

यदि आप ज्यादा दिनों तक अपनी कलाई पर राखी को नहीं बांधे रखना चाहते हैं, तो एक हफ्ते बाद कृष्ण जन्माष्टमी के दिन राखी को उतार सकते हैं। इस साल जन्माष्टमी सोमवार 26 अगस्त को मनाई जाएगी। राखी को कलाई से उतारने का दूसरा सबसे बढ़िया दिन सितंबर के महीने की पूर्णिमा तिथि है और इसके बाद गणेश चतुर्थी का दिन भी राखी उतारने के लिए भी शुभ माना जाता है।

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दिशा का रखें खास ध्यान

राखी उतारने की प्रक्रिया के लिए समय और दिशा का ध्यान रखना भी बेहद ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए यह भी ध्यान रखें कि जब भी राखी उतारें शाम से पहले यह काम करें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि राखी उतारते समय आपका मुख पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: Aug 19, 2024 09:04 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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