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राहु का असर कम करता है ‘खाली गमले का उपाय’, नहीं होती है अकाल मृत्यु, दूर होते हैं वास्तु दोष

Rahu Dosh ke Upay: छाया ग्रह राहु के अशुभ प्रभाव से जीवन में अनेक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस ग्रह के नकारात्मक प्रभाव को खाली गमले के एक विशेष उपाय से कम करने में मदद मिलती है। आइए जानते हैं, यह उपाय कैसे काम करता है?

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Rahu Dosh ke Upay: क्या आपने कभी यह नोटिस किया है, कुछ लोगों के घरों की बालकनी या टैरेस पर खाली गमला रखा रहता है। खाली कहने का मतलब यह है कि उसमें कोई पौधा नहीं होता है। वह मिटटी से भरी हो सकती है, नहीं भी हो सकती है। क्या आप जानते हैं, ऐसा क्यों किया जाता है? दरअसल यह एक बहुत प्रभावशाली प्राचीन उपाय है, जो एक साथ कई समस्याओं से निजात दिलाने में फायदेमंद सिद्ध होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में खाली गमला रखना राहु दोष प्रभाव कम करने से संबंधित है। यह उपाय राहु के बुरे असर से होने वाली अकाल मृत्यु से बचाता है और घर के वास्तु दोष को दूर करने मददगार सिद्ध होता है। आइए जानते हैं, यह कैसे काम करता है?

नकारात्मक ऊर्जा का अवशोषण

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, खाली गमला नकारात्मक ऊर्जा को सोखता है, खासकर राहु ग्रह से जुड़ी नकारात्मक ऊर्जा को। खाले गमले का यह प्राचीन उपाय घर का वास्तु दोष दूर करता है। इससे घर की अशांति और बाधाओं को दूर करने में मदद मिलती है। इस उपाय से परिवार के सदस्यों को भ्रम से मुक्ति मिलती है।

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ग्रहों का संतुलन

वास्तु मान्यता के अनुसार, खाली गमला ग्रहों के प्रभाव को संतुलित करने में मदद करता है। यह राहु के अशुभ प्रभावों को कम करने में विशेष रूप से प्रभावी है। कहते हैं, यह उपाय अकाल मृत्यु के संकट को टालने में मदद करता है। इससे घर के ऊपर से यम का प्रभाव दूर होता है।

खाली गमला रखने की विधि

वास्तु शास्त्र के अनुसार, खाली गमला को एक खास दिशा में रखने से ही लाभ होता है। इस शास्त्र के मुताबिक दक्षिण या पश्चिम दिशा इस उपाय के लिए सर्वोत्तम है। जहां तक गमले के प्रकार की बात है, तो लाल या पीले रंग का मिट्टी का गमला सबसे उपयुक्त है। इस गमले में थोड़ी मिट्टी के साथ कुछ सिक्के और एक लाल कपड़ा टुकड़ा रखने से विशेष लाभ होता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: May 31, 2024 09:58 AM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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