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Pitru Paksh 2024: पितृपक्ष में इन 4 जगहों पर दीपक जलाने से होती है पैसों की बारिश, पितर भी होते हैं प्रसन्न!

Pitru Paksh 2024: हिन्दू धर्म में पितृपक्ष में पूर्वजों की पूजा की जाती है। अगर पितरों का आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो दीपक से जुड़े इन नियमों का भी पालन करें। चलिए जानते हैं पितृपक्ष में कहां दीपक जलाना फलदायक होता है।

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Pitru Paksh 2024: घर में सुख-शांति चाहते हैं तो देवताओं के साथ-साथ पितरों का भी आशीर्वाद जरूरी होता है। ऐसा माना जाता है कि पितर ही वो माध्यम हैं जो आपकी इच्छा को देवताओं तक पहुंचाने का काम करते हैं। ऐसे में हमारा भी कर्तव्य बनता है कि हम हर संभव पितरों को प्रसन्न रखने का कार्य करें। ऐसे में आइए जानते हैं कि पितृपक्ष के दौरान किन-किन जगहों पर दीपक जलाने से पितर प्रसन्न होते हैं।

पीपल का पेड़

हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार पीपल के पेड़ में देवी-देवताओं का वास होता है। पुराण कहता है कि पीपल के पेड़ में देवताओं के साथ-साथ पितरों का भी वास होता है। ऐसा माना जाता है कि पितृपक्ष के दौरान जब पितर धरती लोक पर आते हैं, तो पीपल के वृक्ष में ही निवास करते हैं। इसलिए कहा जाता है, पितृपक्ष के दिनों में पीपल के पेड़ के नीचे दीपक अवश्य जलाएं । ऐसा करने से पितर का आशीर्वाद परिवार पर हमेशा बना रहता है।

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घर का मुख्य द्वार

ऐसा माना जाता है कि पितृपक्ष के दौरान घर के मुख्य द्वार से ही पितर घर में प्रवेश करते हैं। ऐसे में पितृपक्ष के दौरान शाम को हर दिन मुख्य द्वार पर दीपक अवश्य जलाएं। ऐसा करने से पितर तो प्रसन्न होते ही हैं, साथ ही घर में सकरात्मकता बनी रहती है।

दक्षिण दिशा की ओर

गरुड़ पुराण में दक्षिण दिशा को यम की दिशा कहा गया है। ऐसा माना जाता है कि पितृपक्ष के दौरान पितर भी इसी दिशा से आतें हैं। इसलिए पितृपक्ष के दौरान दक्षिण दिशा की ओर दीपक जलाना शुभ माना गया है।

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तस्वीर के सामने

पितृपक्ष में पितरों के तस्वीर की पूजा की जाती है। उसके बाद अधिकतर लोग उस ओर ध्यान भी नहीं देते लेकिन शास्त्रों कि मानें तो पितृपक्ष के दौरान रोज पितर के तस्वीर के सामने दीपक अवश्य जलानी चाहिए।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

 

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First published on: Sep 18, 2024 06:00 AM

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