Narasimha Jayanti 2026: वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्दशी को हर साल नरसिंह जयंती का पर्व मनाया जाता है. आज 30 अप्रैल को वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्दशी के दिन नरसिंह जयंती मनाई जा रही है. नरसिंह जयंती का पर्व भगवान विष्णु के दस अवतारों में से चौथे अवतार नरसिंह को समर्पित है. विष्णु भगवाान में इस अवतार में आधा शरीर मनुष्य और आधा शरीर सिंह यानी शेर का धारण किया था. नरसिंह भगवान ने प्रहलाद को उनके पिता अहंकारी हिरण्यकश्यप के अत्याचारों से बचाया और हिरण्यकश्यप का वध किया.
नरसिंह जयंती पूजा शुभ मुहूर्त (Narasimha Jayanti Puja Muhurat)
आज वैशाख की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर नरसिंह जयंती मनाई जा रही है. इस तिथि का आरंभ 29 अप्रैल की शाम को 7 बजकर 51 मिनट पर हुई थी. तिथि का समापन आज 20 अप्रैल की रात को 9 बजकर 12 मिनट पर होगा. नरसिंह जयंती पर सांयकाल पूजा के लिए शाम को 4 बजकर 16 मिनट से लेकर 6 बजकर 55 मिनट तक समय रहेगा. इसके अलावा व्रत संकल्प का समय सुबह में 10 बजकर 59 मिनट से लेकर 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा.
नरसिंह जयंती पूजा विधि (Narasimha Jayanti Puja Vidhi)
नरसिंह जयंती पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और घर के पूजा स्थल की सफाई कर गंगा जल से शुद्ध करें. घर के मंदिर में चौकी लगाएं और लाल या पीला कपड़ा बिछाएं. नरसिंह भगवान की प्रतिमा स्थापित करें. भगवान को पंचामृत से स्नान कराएं. नरसिंह भगवान को चंदन, कुमकुम, हल्दी, पीले फूल आदि अर्पित करें. भगवान के समक्ष धूप और दीप जलाएं. फल और मिठाई का भोग लगाएं. मंत्रों का जाप करें और आरती कर पूजा संपन्न करें.
नरसिंह भगवान की आरती (Narasimha Bhagwan Ki Aarti)
ॐ जय नरसिंह हरे,
प्रभु जय नरसिंह हरे।
स्तंभ फाड़ प्रभु प्रकटे,
स्तंभ फाड़ प्रभु प्रकटे,
जनका ताप हरे॥
ॐ जय नरसिंह हरे॥
तुम हो दिन दयाला,
भक्तन हितकारी,
प्रभु भक्तन हितकारी।
अद्भुत रूप बनाकर,
अद्भुत रूप बनाकर,
प्रकटे भय हारी॥
ॐ जय नरसिंह हरे॥
सबके ह्रदय विदारण,
दुस्यु जियो मारी,
प्रभु दुस्यु जियो मारी।
दास जान आपनायो,
दास जान आपनायो,
जनपर कृपा करी॥
ॐ जय नरसिंह हरे॥
ब्रह्मा करत आरती,
माला पहिनावे,
प्रभु माला पहिनावे।
शिवजी जय जय कहकर,
पुष्पन बरसावे॥
ॐ जय नरसिंह हरे॥
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.