---विज्ञापन---

Religion angle-right

Mitti ka Diya: दिवाली में यूज्ड मिट्टी के दीयों का क्या करें, पूजा में फिर से इस्तेमाल सही है या गलत

Mitti ka Diya: मिट्टी का दीया केवल एक दीप नहीं, बल्कि श्रद्धा और प्रकृति का संगम है. लेकिन दिवाली जैसे त्योहारों में इतनी मात्रा में मिट्टी के दीये इकट्ठे हो जाते हैं कि उन्हें रखना और संभालना मुश्किल हो जाता है. आइए जानते हैं, क्या हम इन दीयों को फिर से पूजा में इस्तेमाल कर सकते हैं या नहीं?

---विज्ञापन---

Mitti ka Diya: दिवाली की रात जब हर घर मिट्टी के दीयों की रोशनी से जगमगाता है, तो वातावरण में एक दिव्य शांति और पवित्रता फैल जाती है. लेकिन त्योहार के बाद अक्सर एक सवाल मन में उठता है, क्या पूजा में जलाए गए इन मिट्टी के दीयों का क्या करें? क्योंकि, दिवाली जैसे त्योहारों में इतनी मात्रा में मिट्टी के दीये इकट्ठे हो जाते हैं कि उन्हें रखना और संभालना मुश्किल हो जाता है. आइए जानते हैं, क्या इनका पूजा में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है? अगर नहीं, तो फिर इनका क्या करें? जानिए इसके धार्मिक, पर्यावरणीय और व्यवहारिक पहलू.

मिट्टी का दीया क्यों है खास?

हिंदू धर्म में मिट्टी के दीये को शुद्धता और सात्त्विकता का प्रतीक माना गया है. यह धरती के पांच तत्वों में से एक ‘पृथ्वी तत्व’ से बना होता है, इसलिए इसे देवी-देवताओं के पूजन में अत्यंत शुभ माना गया है. दीये का प्रकाश अंधकार को दूर करता है और ज्ञान, समृद्धि व शुभ ऊर्जा का प्रतीक है.

---विज्ञापन---

क्या मिट्टी का दीया दोबारा इस्तेमाल सही है?

शास्त्रों के अनुसार, पूजा में इस्तेमाल हुआ मिट्टी का दीया दोबारा उपयोग में नहीं लाना चाहिए. मान्यता है कि जब हम दीया जलाते हैं, तो वह वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है. इसलिए उसे पुनः पूजा में जलाना अशुभ माना जाता है. इसके विपरीत, धातु के दीये को शुद्ध कर दोबारा उपयोग किया जा सकता है, क्योंकि वह ऊर्जा को स्थायी रूप से नहीं सोखता है.

2026 Vivah Muhurat Dates: 2026 में कौन से दिन होंगे शादी के लिए सबसे शुभ; मुहूर्त और तिथि के साथ देखें पूरी लिस्ट

---विज्ञापन---

पुराने दीयों का क्या करें?

त्योहार के बाद इस्तेमाल किए गए दीयों को कूड़े में फेंकना गलत तरीका है. यह न तो धार्मिक रूप से उचित है और न ही पर्यावरण के अनुकूल. इसलिए ये काम करें:

  • मिट्टी में दबाएं: इस्तेमाल हुए दीयों को साफ करके किसी पौधे या पेड़ के पास मिट्टी में दबा दें. इससे मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ेगी.
  • रिसायकल करें: चाहें तो इन दीयों को रचनात्मक रूप से सजाकर होम डेकोर आइटम के रूप में दोबारा उपयोग कर सकते हैं.
  • पीपल के पेड़ के नीचे रखें: यह स्थान पवित्र माना जाता है. पुराने दीयों को यहां रखकर आप शास्त्रों का सम्मान भी करते हैं और प्रकृति का भी.

जल में विसर्जन से बचें

कई लोग पुराने दीयों को नदी या तालाब में बहा देते हैं. लेकिन अब यह पर्यावरण के लिए हानिकारक माना जाता है. तेल और कालिख जल स्रोतों को प्रदूषित करते हैं. इसलिए बेहतर है कि उन्हें प्राकृतिक तरीके से मिट्टी में मिलाया जाए.

---विज्ञापन---

क्यों शुभ होता है नया दीया?

नया मिट्टी का दीया लक्ष्मी और नई शुरुआत का प्रतीक है. यह घर में नई सकारात्मक ऊर्जा लाता है. हर बार नया दीया जलाना इस बात का संकेत है कि हम जीवन में अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ रहे हैं.

आस्था का सम्मान करें

दिवाली, देव-दीपावली, यज्ञ और पूजा-पाठ सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति और आध्यात्मिकता के संतुलन का उत्सव हैं. इसलिए पुराने दीयों का सही तरीके से निपटान करें और हर नई पूजा में नया दीया जलाएं. इससे न केवल आपकी श्रद्धा पूर्ण होगी, बल्कि पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Bike Car Buying Date 2025: नवंबर दिसंबर में ये हैं बाइक और कार खरीदने के बेस्ट दिन, साल बीतने से पहले लें अपनी ड्रीम सवारी

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

---विज्ञापन---
First published on: Nov 12, 2025 02:29 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola