---विज्ञापन---

Religion

Masik Shivratri 2025: मार्गशीर्ष माह की शिवरात्रि आज, जानें शिव-पार्वती पूजन का मुहूर्त, विधि और व्रत के पारण का समय

Masik Shivratri 2025 Shubh Muhurat & Puja Vidhi: देशभर में आज 18 नवंबर 2025 को मार्गशीर्ष माह की शिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है, जिसे मासिक शिवरात्रि भी कहा जाता है. शिवरात्रि पर व्रत रखने और शिव-पार्वती जी की पूजा-अर्चना करने से विशेष लाभ होता है. चलिए जानते हैं आज मार्गशीर्ष माह की शिवरात्रि की पूजा के शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और व्रत के पारण के समय के बारे में.

Author Written By: Nidhi Jain Updated: Nov 18, 2025 08:47
Masik Shivratri Vrat 2025 Shubh Muhurat & Puja Vidhi
Credit- Social Media

Masik Shivratri 2025 Vrat Shubh Muhurat & Puja Vidhi: देवों के देव महादेव के भक्तों के लिए शिवरात्रि का खास महत्व है, जिसका व्रत हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है. वहीं, साल में केवल एक बार महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस समय मार्गशीर्ष माह चल रहा है, जो कि जगत के पालनहार भगवान विष्णु के कृष्ण रूप को समर्पित है. इस बार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि आज 18 नवंबर 2025 को है यानी आज ही मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जा रहा है.

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मासिक शिवरात्रि के दिन शिव जी और माता पार्वती की साथ में पूजा और व्रत रखने से जिंदगी की तमाम समस्याओं से मुक्ति मिलती है. साथ ही मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है.

---विज्ञापन---

मासिक शिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरंभ 18 नवंबर की सुबह 7 बजकर 12 मिनट से हो गया है, जिसका समापन कल 19 नवंबर की सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर होगा. उदया तिथि के आधार पर आज 18 नवंबर 2025, वार मंगलवार को मार्गशीर्ष माह की शिवरात्रि का व्रत रखा जा रहा है. मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह के अलावा निशा काल यानी निशिता काल में भी पूजा करनी शुभ होती है. आज 18 नवंबर की रात 11 बजकर 40 मिनट से लेकर 19 नवंबर की सुबह 12 बजकर 33 मिनट तक निशिता काल रहेगा.

ये भी पढ़ें- Mahayuti 2025: 23 नवंबर से पहले 3 राशियों के घर में होगा धन की देवी ‘मां लक्ष्मी’ का वास, बनी बुध-मंगल-सूर्य की महायुति

---विज्ञापन---

मासिक शिवरात्रि की पूजा कैसे करें?

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कार्य करने के बाद शुद्ध हरे, सफेद या लाल रंग के कपड़े धारण करें.
  • हाथ में जल, अक्षत या फूल लेकर शिवरात्रि के व्रत का संकल्प लें.
  • घर के मंदिर में एक चौकी रखकर शिवलिंग, शिव जी और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें.
  • शिवलिंग का गंगाजल या पंचामृत से अभिषेक करें.
  • शिव जी और देवी पार्वती को फल, फूल, बेलपत्र, चंदन, अक्षत, धतूरा और भांग अर्पित करें.
  • देसी घी का दीपक और दीप-धूप जलाएं.
  • शिव मंत्रों का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें.
  • मासिक शिवरात्रि व्रत की कथा सुने या पढ़ें.
  • आरती करके पूजा का समापन करें.
  • व्रत का पारण करने से पहले दान जरूर करें.

मासिक शिवरात्रि का व्रत किस समय खोलें?

मासिक शिवरात्रि का व्रत अगले दिन सूर्योदय के बाद खोलना शुभ होगा. 19 नवंबर 2025 को सुबह 6 बजकर 47 मिनट पर सूर्योदय होगा, जिसके बाद कभी भी आप व्रत खोल सकते हैं. हालांकि, कुछ लोग व्रत वाले दिन शाम में शिव जी की पूजा करने के बाद उपवास का पारण करते हैं. मासिक शिवरात्रि के व्रत का पारण आप शिव जी को चढ़ाए हुए भोग को खाकर कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें- Shiv Chalisa | शिव चालीसा: जय गिरिजा पति दीन दयाला… Shiv Chalisa Lyrics in Hindi

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Nov 17, 2025 04:44 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.