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Masik Durgashtami 2026: कल या परसों, कब है मासिक दुर्गाष्टमी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और व्रत के पारण का समय

Masik Durgashtami 2026 Date, Shubh Muhurat & Puja Vidhi: हर महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को आदिशक्ति मां दुर्गा को समर्पित मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है. हालांकि, इस बार अष्टमी तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. चलिए जानते हैं कि 2026 में कल यानी 26 जनवरी या परसों 27 जनवरी को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाएगा. साथ ही आपको मासिक दुर्गाष्टमी व्रत के महत्व और आदिशक्ति मां दुर्गा की पूजा के शुभ मुहूर्त व विधि आदि के बारे में जानने को मिलेगा.

Author Written By: Nidhi Jain Updated: Jan 25, 2026 17:35
Masik Durgashtami 2026
Credit- Social Media

Masik Durgashtami 2026 Date, Shubh Muhurat & Puja Vidhi: आदिशक्ति मां दुर्गा हिंदू धर्म की प्रमुख और सबसे ज्यादा पूजे जाने वाली देवी हैं, जिन्हें देवों के देव महादेव की अर्धांगिनी मां पार्वती का एक रूप माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में मां दुर्गा का जन्म शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था. इसलिए हर महीने की अष्टमी तिथि पर मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है. साथ ही विशेष रूप से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है.

मान्यता है कि मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखने और मां दुर्गा की उपासना करने से पापों का नाश होता है. साथ ही आत्मविश्वास, ज्ञान और मानसिक शक्ति की प्राप्ति होती है. यहां पर आपको जानने को मिलेगा कि साल 2026 का पहला मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत कब रखा जाएगा.

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2026 का पहला मासिक दुर्गाष्टमी व्रत कब है?

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार आज यानी 25 जनवरी 2026 की रात 11 बजकर 10 मिनट से माघ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ हो रहा है, जो कि कल 26 जनवरी 2026 की रात 9 बजकर 17 मिनट तक रहेगी. ऐसे में कल यानी 26 जनवरी 2026, वार सोमवार को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाएगा.

मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा का मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 05:26 से सुबह 06:19
  • अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12:12 से दोपहर 12:55
  • सायाह्न सन्ध्या- शाम 05:55 से शाम 07:15
  • राहुकाल- सुबह 08:33 से सुबह 09:53
  • भद्रा- सुबह 07:12 से सुबह 10:16

मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कार्य करने के बाद लाल रंग के वस्त्र धारण करें.
  • हाथ में गंगाजल लेकर व्रत का संकल्प लें.
  • घर के पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें.
  • मंदिर में एक वेदी पर लाल वस्त्र बिछाने के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर की स्थापना करें.
  • देसी घी का एक दीपक जलाएं.
  • माता रानी को लाल चुनरी, सिंदूर, अक्षत, वस्त्र, मिठाई, फल और फूल अर्पित करें.
  • मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें.
  • आरती करके पूजा का समापन करें.

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मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत कब खोलें?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मासिक दुर्गाष्टमी के व्रत का पारण अष्टमी तिथि के खत्म होने के बाद करना शुभ होता है. कल 26 जनवरी 2026 को रात में 9 बजकर 17 मिनट पर अष्टमी तिथि खत्म हो रही है, जिसके बाद आप मां दुर्गा की पूजा करने के पश्चात व्रत को खोल सकते हैं या अगले दिन स्नान आदि कार्य करने के बाद उपवास का पारण कर सकते हैं.

मासिक दुर्गाष्टमी के व्रत में क्या खा सकते हैं?

मां दुर्गा को समर्पित मासिक दुर्गाष्टमी के व्रत में फल, दूध, दही, सूखे मेवे और सात्विक भोजन का सेवन किया जा सकता है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jan 25, 2026 05:35 PM

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