Magh Gupt Navratri 2026: आज बुधवार, 28 जनवरी 2026 को माघ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है. आज के दिन ही माघ गुप्त नवरात्रि का पावन समापन हो रहा है, जिसे गुप्त रूप से की जाने वाली दुर्गा उपासना के लिए विशेष माना जाता है. गुप्त नवरात्रि के दौरान दस महाविद्याओं की साधना का विशेष महत्व होता है.
दशमी तिथि पर मां कमला की विधिवत पूजा की जाती है. इस अवसर पर हवन, पुष्पांजलि और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मां दुर्गा को भावपूर्ण विदाई दी जाती है. यह दिन साधना की पूर्णता और देवी कृपा प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है.
मां कमला कौन हैं?
मां कमला देवी आदिशक्ति का ही एक तांत्रिक और अत्यंत प्रभावशाली स्वरूप मानी जाती हैं. वे दस महाविद्याओं में दसवीं और अंतिम महाविद्या हैं. मां कमला को धन, वैभव, सौभाग्य और आध्यात्मिक प्रगति की अधिष्ठात्री देवी कहा जाता है. इसलिए उन्हें धन की देवी मां लक्ष्मी का एक रूप भी माना जाता है.
कमल के आसन पर विराजमान मां कमला अपने भक्तों को सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं और जीवन में स्थिरता, संतुलन तथा उच्च आध्यात्मिक ज्ञान का मार्ग दिखाती हैं. उनकी उपासना से भौतिक समृद्धि के साथ-साथ आत्मिक उन्नति भी प्राप्त होती है.
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माघ गुप्त नवरात्रि का पारण
आज माघ गुप्त नवरात्रि का पारण भी किया जाएगा. निर्णय सिंधु के अनुसार, नवरात्रि का पारण नवमी तिथि की समाप्ति के बाद, अर्थात् दशमी तिथि के आरंभ होने पर ही करना शास्त्रसम्मत माना गया है. वहीं द्रिक पंचांग के अनुसार, आज माघ गुप्त नवरात्रि का पारण प्रातः 07:11 बजे के बाद किया जा सकता है. इस समय के पश्चात व्रत का हवन आदि के साथ विधिपूर्वक समापन करना शुभ और फलदायी माना गया है.
कब है 2026 की अगली नवरात्रि
साल 2026 की अगली नवरात्रि चैत्र मास में मनाई जाएगी. दृक पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026 को घटस्थापना के साथ होगी और यह पर्व 27 मार्च 2026 तक चलेगा.
चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इसी समय हिंदू नववर्ष का शुभारंभ होता है. इस अवधि में मां दुर्गा की नौ शक्तियों की विधिवत पूजा-अर्चना कर नववर्ष को मंगलमय बनाने की परंपरा है.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Magh Gupt Navratri 2026: आज बुधवार, 28 जनवरी 2026 को माघ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है. आज के दिन ही माघ गुप्त नवरात्रि का पावन समापन हो रहा है, जिसे गुप्त रूप से की जाने वाली दुर्गा उपासना के लिए विशेष माना जाता है. गुप्त नवरात्रि के दौरान दस महाविद्याओं की साधना का विशेष महत्व होता है.
दशमी तिथि पर मां कमला की विधिवत पूजा की जाती है. इस अवसर पर हवन, पुष्पांजलि और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मां दुर्गा को भावपूर्ण विदाई दी जाती है. यह दिन साधना की पूर्णता और देवी कृपा प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है.
मां कमला कौन हैं?
मां कमला देवी आदिशक्ति का ही एक तांत्रिक और अत्यंत प्रभावशाली स्वरूप मानी जाती हैं. वे दस महाविद्याओं में दसवीं और अंतिम महाविद्या हैं. मां कमला को धन, वैभव, सौभाग्य और आध्यात्मिक प्रगति की अधिष्ठात्री देवी कहा जाता है. इसलिए उन्हें धन की देवी मां लक्ष्मी का एक रूप भी माना जाता है.
कमल के आसन पर विराजमान मां कमला अपने भक्तों को सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं और जीवन में स्थिरता, संतुलन तथा उच्च आध्यात्मिक ज्ञान का मार्ग दिखाती हैं. उनकी उपासना से भौतिक समृद्धि के साथ-साथ आत्मिक उन्नति भी प्राप्त होती है.
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माघ गुप्त नवरात्रि का पारण
आज माघ गुप्त नवरात्रि का पारण भी किया जाएगा. निर्णय सिंधु के अनुसार, नवरात्रि का पारण नवमी तिथि की समाप्ति के बाद, अर्थात् दशमी तिथि के आरंभ होने पर ही करना शास्त्रसम्मत माना गया है. वहीं द्रिक पंचांग के अनुसार, आज माघ गुप्त नवरात्रि का पारण प्रातः 07:11 बजे के बाद किया जा सकता है. इस समय के पश्चात व्रत का हवन आदि के साथ विधिपूर्वक समापन करना शुभ और फलदायी माना गया है.
कब है 2026 की अगली नवरात्रि
साल 2026 की अगली नवरात्रि चैत्र मास में मनाई जाएगी. दृक पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026 को घटस्थापना के साथ होगी और यह पर्व 27 मार्च 2026 तक चलेगा.
चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इसी समय हिंदू नववर्ष का शुभारंभ होता है. इस अवधि में मां दुर्गा की नौ शक्तियों की विधिवत पूजा-अर्चना कर नववर्ष को मंगलमय बनाने की परंपरा है.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.