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Kaalchakra: नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा में न करें गलतियां, पंडित सुरेश पांडेय से जानें नियम

Kaalchakra Today: शक्ति उपासना के लिए शारदीय नवरात्रि का प्रत्येक दिन खास होता है. इस दौरान व्रत रखने के साथ-साथ मां दुर्गा की पूजा की जाती है, लेकिन उपासना के दौरान कई नियमों का पालन करना होता है. चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा से जुड़े अहम नियमों के बारे में.

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Kaalchakra Today 24 September 2025: मां दुर्गा को समर्पित शारदीय नवरात्रि के पावन दिन चल रहे हैं, जो शक्ति उपासना के लिए बेहद शुभ होते हैं. इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. साथ ही व्रत रखना शुभ माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2025 में 22 सितंबर से शारदीय नवरात्रि का आरंभ हो गया है, जिसका समापन 2 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन के साथ होगा. हालांकि, इससे एक दिन पहले 1 अक्टूबर को नवमी पूजा और 30 सितंबर को अष्टमी पूजा की जाएगी. शास्त्रों में बताया गया है कि जो लोग नवरात्रि के दौरान अपने घर में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित करते हैं, उन्हें कई छोटी से छोटी बातों पर ध्यान देना होता है. यदि कोई एक नियम का भी पालन नहीं किया जाए तो पाप लगता है.

आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको शारदीय नवरात्रि में अपनाए जाने वाले जरूरी नियमों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं.

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नवरात्रि में जरूर करें इन नियमों का पालन

  • घर में मां दुर्गा की तीन मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए.
  • जिस कमरे में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित की है, वहां सूर्य की रोशनी और हवा जरूर आनी चाहिए.
  • अपने घर में पूजा नहीं कर सकते हैं तो नदी किनारे, तीर्थ स्थल या सिद्ध पीठ में पूजन कर सकते हैं.
  • संभव हो तो मां दुर्गा की पूजा करते समय लाल रंग के कपड़े पहनें.

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  • पूजा के दौरान माथे पर लाल रंग का तिलक लगाएं.
  • नवरात्रि व्रत में कुछ भी खाने के बाद कुल्ला करें.
  • पूजा के आसन पर बैठे हैं तो सिर्फ जल पी सकते हैं.
  • 9 दिन मां दुर्गा की साधना कर रहे हैं तो ज्यादा घूमने-फिरने से बचें.
  • सूखे कपड़े पहनकर ही मां दुर्गा की पूजा करनी चाहिए.
  • गीले बालों में मां दुर्गा की पूजा नहीं करनी चाहिए.
  • नवरात्रि में हवन, पूजन और जाप करते समय महिलाएं अपने बाल खुले न रखें.
  • नवरात्रि के 9 दिन परिवार के सदस्यों के अलावा किसी और का दिया हुआ कुछ न खाएं.
  • जो भी 9 दिनों का व्रत रखते हैं या मां दुर्गा की साधना करते हैं, उन्हें शौच के बाद कपड़े बदलने चाहिए.
  • माता रानी की पूजा करते या मंत्र जाप करते समय छींक या खांसी आ जाए तो वहीं रुककर तीन बार आचमन करें और फिर पूजा शुरू करें.
  • नवरात्रि के व्रत में किसी से सिर, पैर या हाथ दबवाना भी शुभ नहीं होता है.
  • इस दौरान किसी से अपनी सेवा भी न कराएं.

यदि आप नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा से जुड़े अन्य नियमों के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Sep 24, 2025 10:52 AM

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About the Author

Pandit Suresh Pandey

पंडित सुरेश पांडेय देश के प्रसिद्ध प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और ज्योतिषी हैं, जो कि मां विंध्यवासिनी के अनन्य भक्त हैं। पिछले 50 वर्षों से पंडित जी ज्योतिष की सेवाएं दे रहे हैं। अपनी गहरी ज्योतिषीय समझ और ज्ञान के कारण पंडित सुरेश पांडेय को उनकी सटीक भविष्यवाणियों के लिए जाना जाता है। उनकी सलाह से हजारों लोग जीवन के अलग-अलग पहलुओं में सही मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं। साल 2011 से पंडित सुरेश पांडेय News24 के साथ जुड़े हुए हैं, जहां वो रोजाना 'कालचक्र' नामक कार्यक्रम करते हैं। पंडित सुरेश पांडेय 'कालचक्र' कार्यक्रम में ज्योतिषीय सलाह और उपाय बताते हैं।

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Nidhi Jain

पंडित सुरेश पांडेय देश के प्रसिद्ध प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और ज्योतिषी हैं, जो कि मां विंध्यवासिनी के अनन्य भक्त हैं। पिछले 50 वर्षों से पंडित जी ज्योतिष की सेवाएं दे रहे हैं। अपनी गहरी ज्योतिषीय समझ और ज्ञान के कारण पंडित सुरेश पांडेय को उनकी सटीक भविष्यवाणियों के लिए जाना जाता है। उनकी सलाह से हजारों लोग जीवन के अलग-अलग पहलुओं में सही मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं। साल 2011 से पंडित सुरेश पांडेय News24 के साथ जुड़े हुए हैं, जहां वो रोजाना 'कालचक्र' नामक कार्यक्रम करते हैं। पंडित सुरेश पांडेय 'कालचक्र' कार्यक्रम में ज्योतिषीय सलाह और उपाय बताते हैं।

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