Kaalchakra Today 22 June 2026: आज 22 जून 2026, दिन सोमवार को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है. आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि पर मासिक दुर्गाष्टमी और धूमावती जयंती है. आज अष्टमी तिथि का समापन शाम को 3 बजकर 39 मिनट पर हो जाएगा. इसके बाद नवमी तिथि का आरंभ होगा. आज उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र सुबह 10 बजकर 22 मिनट तक रहेगा. इसके बाद हस्त नक्षत्र आरंभ हो जाएगा. व्यतीपात योग सुबह को 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगा. इसके बाद व्यरीयान् योग आरंभ हो जाएगा. आज बव, बालव और कौलव करण रहेगा. राहुकाल सुबह 07 बजकर 09 मिनट से लेकर 08 बजकर 54 मिनट तक रहेगा. आज के कालचक्र में पूजा से जुड़े नियमों के बारे में जानते हैं.
पूजा के दौरान पूजा सामग्री का महत्व
पूजा के दौरान इस्तेमाल होने वाली सामग्री का बेहद खास महत्व होता है. देवी-देवताओं की पूजा करने और उनकी कृपा दिलाने के लिए सामग्री बेहद शुभ मानी जाती है. पूजा की थाली में इन सामग्री को रखना चाहिए. सामग्री को पंचतत्व संतुलन के अनुसार रखना चाहिए. इससे पूजा करने वाले के शरीर में पंचतत्व संतुलन में रहते हैं. ऐसा करने से शरीर में सात्विक्ता और सकारात्मकता बढ़ती है. आइये इसक बारे में जानते हैं.
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पूजा खाली में सामग्री रखने के नियम
पूजा की थाली में सबसे पहले सप्त नदियों का जल रखना चाहिए. अगर सप्त नदियों का जल रखना संभन नहीं है, तो आप थाली में गंगा जल रख सकते हैं. पूजा की थाली में पृथ्वी तत्व के लिए रोली, कुमकुम, चंदन और अक्षत आदि रखें. अग्नि तत्व के लिए पूजा की थाली में दीपक और कपूर रखना चाहिए. वायु तत्व के लिए अगरबत्ती रखें. अगरबत्ती सुगंध के लिए रखी जाती है. आकाश तत्व के लिए घंटी रखें. इन सभी चीजों को पूजा की थाली में रखना चाहिए. पूजा में इन सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए. वरना छोटी सी गलती से आपको जीवन में परेशानी हो सकती है.
पूजा-पाठ से जुड़े अन्य नियमों के बारे में जानने के लिए आप ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Kaalchakra Today 22 June 2026: आज 22 जून 2026, दिन सोमवार को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है. आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि पर मासिक दुर्गाष्टमी और धूमावती जयंती है. आज अष्टमी तिथि का समापन शाम को 3 बजकर 39 मिनट पर हो जाएगा. इसके बाद नवमी तिथि का आरंभ होगा. आज उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र सुबह 10 बजकर 22 मिनट तक रहेगा. इसके बाद हस्त नक्षत्र आरंभ हो जाएगा. व्यतीपात योग सुबह को 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगा. इसके बाद व्यरीयान् योग आरंभ हो जाएगा. आज बव, बालव और कौलव करण रहेगा. राहुकाल सुबह 07 बजकर 09 मिनट से लेकर 08 बजकर 54 मिनट तक रहेगा. आज के कालचक्र में पूजा से जुड़े नियमों के बारे में जानते हैं.
पूजा के दौरान पूजा सामग्री का महत्व
पूजा के दौरान इस्तेमाल होने वाली सामग्री का बेहद खास महत्व होता है. देवी-देवताओं की पूजा करने और उनकी कृपा दिलाने के लिए सामग्री बेहद शुभ मानी जाती है. पूजा की थाली में इन सामग्री को रखना चाहिए. सामग्री को पंचतत्व संतुलन के अनुसार रखना चाहिए. इससे पूजा करने वाले के शरीर में पंचतत्व संतुलन में रहते हैं. ऐसा करने से शरीर में सात्विक्ता और सकारात्मकता बढ़ती है. आइये इसक बारे में जानते हैं.
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पूजा खाली में सामग्री रखने के नियम
पूजा की थाली में सबसे पहले सप्त नदियों का जल रखना चाहिए. अगर सप्त नदियों का जल रखना संभन नहीं है, तो आप थाली में गंगा जल रख सकते हैं. पूजा की थाली में पृथ्वी तत्व के लिए रोली, कुमकुम, चंदन और अक्षत आदि रखें. अग्नि तत्व के लिए पूजा की थाली में दीपक और कपूर रखना चाहिए. वायु तत्व के लिए अगरबत्ती रखें. अगरबत्ती सुगंध के लिए रखी जाती है. आकाश तत्व के लिए घंटी रखें. इन सभी चीजों को पूजा की थाली में रखना चाहिए. पूजा में इन सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए. वरना छोटी सी गलती से आपको जीवन में परेशानी हो सकती है.
पूजा-पाठ से जुड़े अन्य नियमों के बारे में जानने के लिए आप ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.