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Religion

Kaalchakra: चैत्र नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती के पाठ से दूर होंगी कई परेशानियां, पंडित सुरेश पांडेय से जानें नियम

Kaalchakra Today: मां दुर्गा को समर्पित दुर्गा सप्तशती एक शक्तिशाली ग्रंथ है, जिसके पाठ से साधक को विभिन्न लाभ होते हैं. चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं दुर्गा सप्तशती पाठ के महत्व, नियम और लाभ आदि के बारे में.

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Written By: Nidhi Jain Updated: Mar 21, 2026 11:24
Kaalchakra Today 21 March 2026
Credit- Social Media

Kaalchakra Today 21 March 2026: दुर्गा सप्तशती, एक पवित्र और शक्तिशाली ग्रंथ है, जिसमें आदिशक्ति मां दुर्गा के नौ रूपों की महिमा और उनके द्वारा राक्षसों के वध की विभिन्न कथाओं का वर्णन किया गया है. दुर्गा सप्तशती में कुल 700 श्लोक और 13 अध्याय हैं, जिन सभी का अपना महत्व है. मान्यता है कि दुर्गा सप्तशती के पाठ से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है. साथ ही जीवन की तमाम परेशानियों से मुक्ति मिलती है. वैसे तो किसी भी दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जा सकता है, लेकिन चैत्र नवरात्रि के दौरान इसका पाठ करना ज्यादा शुभ होता है. इससे मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस समय चैत्र नवरात्रि चल रहे हैं, जिसकी शुरुआत 19 मार्च और समापन 27 मार्च 2026 को होगा. आज 21 मार्च 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको दुर्गा सप्तशती पाठ के नियम और लाभ आदि के बारे में बताएंगे.

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दुर्गा सप्तशती के पाठ से जुड़े नियम

दुर्गा सप्तशती के कुछ अध्यायों का पाठ उच्च स्वर में किया जाता है तो कुछ का मंद स्वर में करना शुभ होता है. इसके अलावा शांत मुद्रा व कीलक मुद्रा में इसका पाठ करना शुभ माना गया है. वहीं, देवी कवच उच्च स्वर में, श्री अर्गला स्तोत्र का आरंभ उच्च स्तर में और समापन शांत मुद्रा में करना चाहिए. बता दें कि दुर्गा सप्तशती के पाठ से पहले भगवान गणेश की आराधना करनी चाहिए. यदि घर में कलश स्थापना की गई है तो पहले उसकी और नवग्रहों की पूजा करें.

दुर्गा सप्तशती के पाठ के लाभ

  • पहला अध्याय: सभी प्रकार की चिंताएं दूर होती हैं.
  • दूसरा अध्याय: शत्रु बाधा दूर होती है और मुकदमे में जीत मिलती है.
  • तीसरा अध्याय: शत्रुओं का नाश होता है.
  • चौथ अध्याय: मां जगदंबा दर्शन देती हैं.
  • पांचवां अध्याय: भक्ति, शक्ति और देवी दर्शन का आशीर्वाद मिलता है.
  • छठा अध्याय: दुख, दरिद्रता और भय दूर होता है.
  • सातवां अध्याय: सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

यदि आप दुर्गा सप्तशती पाठ से होने वाले अन्य लाभ व नियमों के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.

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ये भी पढ़ें- Navratri Vrat Galtiyan: चैत्र नवरात्रि 2026 में इन गलतियों को करने से बचें, वरना मां दुर्गा होंगी नाराज

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 21, 2026 11:24 AM

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