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Maha Shivaratri 2025: शिवभक्ति के महापर्व महाशिवरात्रि पर भूल से भी न खरीदें ये 5 चीजें, नष्ट हो सकता है व्रत का पुण्य!

Maha Shivaratri 2025: महाशिवरात्रि शिवभक्ति का महापर्व और हिंदुओं का एक सबसे बड़ा त्योहार है, जो इस साल 26 फरवरी, 2025 को पड़ रही है। धर्म ग्रंथों और प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, इस दिन 5 चीजों का खरीदना वर्जित बताया गया है, अन्यथा व्रत का पुण्य नष्ट हो जाता है। आइए जानते हैं, क्या हैं ये 5 चीजें?

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Maha Shivaratri 2025: महाशिवरात्रि एक अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक पर्व है, जो भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित होता है। पूरे साल में यह शिवभक्तों का सबसे बड़ा पर्व है, साथ ही यह हिंदुओं का एक सबसे बड़ा त्योहार भी है। इस साल महाशिवरात्रि 26 फरवरी, 2025 को पड़ रही है। धर्म ग्रंथों और प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, इस दिन 5 चीजों का खरीदना वर्जित बताया गया है इस दिन इन 5 विशेष वस्तुओं को खरीदने या घर लाने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार वे नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं। ये चीजें शुभता में बाधा उत्पन्न करती हैं, जिससे महाशिवरात्रि के व्रत का पुण्य नष्ट हो सकता है। आइए जानते हैं, क्या हैं ये 5 चीजें?

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चमड़े से बनी वस्तुएं

प्रचलित मान्यताओं और रिवाजों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन चमड़े से बनी वस्तुएं नहीं खरीदनी चाहिए। आपको बता दें कि चमड़ा मृत पशुओं की खाल से बनाया जाता है, जिसे तमोगुणी और अशुद्ध माना जाता है। महाशिवरात्रि के दिन शिवजी की पूजा की जाती है, जो शुद्धता और सात्त्विकता के प्रतीक हैं। इस दिन चमड़े की वस्तुएं, जैसे जूते, बेल्ट, पर्स खरीदना या पहनना अपवित्र माना जाता है। कहते हैं कि इससे शिव कृपा पाने में बाधा आती है।

काले कपड़े

पंडितों के मुताबिक, महाशिवरात्रि के दिन काले कपड़े खरीदकर घर नहीं लाने चाहिए, क्योंकि यह तामसिकता, नकारात्मकता और निराशा का प्रतीक माना जाता है। दूसरी ओर, महाशिवरात्रि को शिवजी और माता पार्वती के विवाह का दिन है। इस दिन उनकी उपासना का श्रेष्ठ शुभ दिन माना जाता है, जिसमें सफेद, पीले, लाल या हल्के रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं। मान्यता है कि काले कपड़े पहनने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और जीवन में बाधाएं आ सकती हैं।

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शराब या मदिरा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन भूल कर भी शराब या मदिरा घर में खरीदकर नहीं लानी चाहिए और न ही पीनी चाहिए। महाशिवरात्रि का दिन व्रत, उपवास और ध्यान का होता है, जिसमें शरीर और मन की शुद्धता आवश्यक मानी जाती है। शराब एक तामसिक पदार्थ है, जो न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि मानसिक और आत्मिक उन्नति में भी बाधा डालता है। इस दिन शराब पीने से शिवजी की कृपा नहीं मिलती, बल्कि उनके आशीर्वाद से वंचित होने का खतरा रहता है।

धारदार और नुकीली वस्तुएं

लोगों का मानना है कि महाशिवरात्रि के दिन धारदार और नुकीली वस्तुएं, जैसे चाकू, कैंची, सूई आदि खरीदना अशुभ माना जाता है। वास्तुशास्त्र और ज्योतिष में नुकीली वस्तुएं जैसे चाकू, कैंची, सूई आदि को कलह, अशांति और विवाद बढ़ाने वाला माना जाता है। इस दिन इन वस्तुओं को खरीदने से घर में झगड़े और नेगेटिव एनर्जी आ सकती है। महाशिवरात्रि को शांति, ध्यान और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाने का दिन माना जाता है, इसलिए इन चीजों से बचना शुभ होता है।

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टूटी हुई वस्तुएं

घर के बड़े-बुजुर्ग, महाशिवरात्रि के दिन टूटी हुई वस्तुएं खरीदने या उपयोग करने से बचने की सलाह देते हैं, जिसका धार्मिक और ज्योतिषीय कारण काफी गहरा है। हिंदू धर्म में टूटी हुई वस्तुओं को अशुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा या दुर्भाग्य आकर्षित हो सकता है। दूसरी ओर, महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है, जिसमें शुद्धता और सकारात्मकता का विशेष ध्यान रखा जाता है। टूटी हुई वस्तुएं अशुद्ध मानी जाती हैं और पूजा में विघ्न डाल सकती हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Feb 24, 2025 05:15 PM

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श्यामनंदन कुमार पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे वैदिक ज्योतिष (पाराशरीय), अंक ज्योतिष (न्यूमरोलॉजी) और सामुद्रिक शास्त्र के क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक सक्रिय ज्योतिषविद हैं। जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके।  धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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