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Eid al-Adha 2024: बकरीद का पूरा नाम क्या है? क्यों दी जाती है इस दिन कुर्बानी, जानें महत्व

Eid al-Adha 2024: आज भारत में मुस्लिम समुदायों के द्वारा बकरीद त्योहार मनाया जा रहा है। यह फेस्टिवल इस्लामी कैलेंडर हिजरी के आखिरी महीने ज़ुल-हिज्जा के 10वें दिन मनाया जाता है। आइए जानते हैं, बकरीद का महत्व और कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां।

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Eid al-Adha 2024: आज पूरे भारत में मुस्लिम समुदायों के बीच बकरीद का त्योहार काफी जोशो-खरोश से मनाया जा रहा है। आज सुबह की नमाज ईद की नमाज के बाद कुर्बानियों का सिलसिला शुरू हो गया है। क्या आप जानते हैं, बकरीद का पूरा नाम क्या है, इसे कुर्बानी का दिन क्यों कहते हैं और इस त्योहार का महत्व क्या है? आइए जानते हैं, बकरीद से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारियां।

बकरीद का पूरा नाम

बकरीद को अरबी में ‘ईद अल-अधा’ या ‘ईद अल-अदहा’ (Eid al-Adha) कहते हैं। वहीं फारसी और उर्दू में यह ‘ईद उल-अजहा’ कहा गया है, जिसका अर्थ है ‘कुर्बानी का दिन’, इसे ‘बकर ईद’ भी कहते हैं। जबकि भारत में ईद उल-अजहा ‘बकरीद’ के त्योहार नाम से अधिक लोकप्रिय है। कुर्बानी का यह त्योहार यानी ईद उल-अजहा इस्लामी कैलेंडर हिजरी के आखिरी महीने ज़ुल-हिज्जा के 10वें दिन मनाया जाता है।

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क्यों मनाते हैं बकरीद

कुरान के अनुसार, हजरत इब्राहिम ने एक रात सपना देखा कि वे अपने बेटे हजरत इस्माइल की बलि दे रहे हैं। उन्होंने इस सपने को अल्लाह का हुक्म माना और अपने बेटे इस्माइल के बलि देने के लिए तैयार हो गए। वहीं हजरत इस्माइल भी खुदा की राह में अपनी बलि खुशी-खुशी देने को तैयार थे। जब हजरत इब्राहिम अपने बेटे हजरत इस्माइल की कुर्बानी करने जा रहे थे कि तभी अल्लाह के फरिश्तों ने उनके बेटे को जीवनदान दे दिया और उसकी जगह एक पशु (दुम्बा) की बलि दिलवाई। इस पाक घटना की याद में बकरीद त्योहार मनाया जाता है और जानवरों की बलि दी जाती है।

भाईचारा और दयानतदारी का त्योहार है बकरीद

मान्यता है कि कुर्बानी के दिन किसी को भी भूखे पेट नहीं रहने देना चाहिए। इसलिए बकरीद की नमाज के बाद दुम्बा यानी बकरे की कुर्बानी की जाती है। कुर्बानी को फिर जगह तीन हिस्सों में तकसीम (बांटना) किया जाता है। एक हिस्सा अपने लिए रखकर बाकी हिस्से में से दूसरे हिस्से को गरीबों और जरूरतमंदों को दिया जाता है, तीसरे हिस्से को रिश्तेदारों और करीबी लोगों और दोस्तों को दिया जाता है। इससे जाहिर होता है कि बकरीद भाईचारा और दयानतदारी का त्योहार है।

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बकरीद का महत्व

ज़ुल-हिज्जा का महीना और बकरीद का समय मुसलमानों के लिए साल का एक सबसे खास समय और बहुत पाक (पवित्र) होता है, क्योंकि यह हज यात्रा का भी प्रतीक है। बता दें, हर साल लाखों मुसलमान हज के लिए मक्का जाते हैं। हज यात्रा विश्व के सभी मुसलमानों के लिए सबसे बड़ी तीर्थयात्रा है और मक्का सबसे बड़ा तीर्थस्थल है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: Jun 17, 2024 07:53 AM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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