Ganga Saptami: गंगा सप्तमी पर आज भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना पूरे साल झेलनी पड़ सकती है आर्थिक तंगी

गंगा सप्तमी न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह आध्यात्मिक और पर्यावरणीय शुद्धता का प्रतीक भी है। इस दिन 5 खास बातों का ध्यान रखकर हम गंगा मां की कृपा पा सकते हैं और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि सुनिश्चित कर सकते हैं। आइए जानते हैं, क्या है ये 5 बातें?

ganga-saptami

गंगा सप्तमी हिन्दू धर्म में एक अत्यंत पुण्यदायी तिथि मानी गई है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष गंगा सप्तमी 3 मई 2025 को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। तभी से यह दिन गंगा माता की पूजा, स्नान, दान-पुण्य और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक बन गया।

विज्ञापन

ऐसी मान्यता है कि गंगा सप्तमी के दिन यदि व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और नियमों का पालन करते हुए स्नान व पूजन करता है, तो उसे पापों से मुक्ति मिलती है और आर्थिक संकट भी दूर होते हैं। लेकिन ध्यान रखें, इस दिन कुछ विशेष कार्य भूलकर भी नहीं करने चाहिए। यदि ऐसा किया जाए, तो वर्षभर आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और अशांति का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं गंगा सप्तमी के दिन किन 5 बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए?

विज्ञापन

स्नान करते समय दिशा का रखें ध्यान

गंगा में स्नान करते समय हमेशा धारा की दिशा की ओर मुख करके स्नान करें या पूर्व दिशा और सूर्य की ओर मुंह करके स्नान करना शुभ होता है। इससे पवित्रता बनी रहती है और सूर्यदेव व गंगा माता की कृपा प्राप्त होती है।

विज्ञापन

इस दिन न करें ये काम

गंगा सप्तमी के दिन किसी की अस्थियां प्रवाहित करना या पुराने कपड़े गंगा में छोड़ना वर्जित माना गया है। इससे गंगा जी की शुद्धता भंग होती है और घर में दरिद्रता का वास हो सकता है।

न रखें नकारात्मक भाव

गंगा स्नान केवल शरीर की शुद्धि के लिए नहीं, बल्कि मन की पवित्रता के लिए भी होता है। यदि मन में छल, द्वेष या कपट की भावना हो, तो स्नान का पुण्य फल नहीं मिलता। सच्चे मन और श्रद्धा से स्नान करें।

विज्ञापन

गंगा में न फेंके ये वस्तुएं

गंगा माता को हिन्दू धर्म में देवी का दर्जा प्राप्त है। इसलिए इस दिन गंगा में कोई भी अशुद्ध वस्तु, प्लास्टिक, पूजा का कचरा या अन्य गंदगी नहीं फेंकनी चाहिए। यह पर्यावरण के साथ-साथ आध्यात्मिक दृष्टि से भी अशुभ माना जाता है।

जरूर करें मंत्रों का जाप

गंगा सप्तमी के दिन गंगा स्नान करते समय ‘गंगा स्तोत्र’, ‘गंगा आरती’, गंगा चालीसा और मंत्रों का पाठ करना अत्यंत फलदायी होता है। इससे आत्मिक शांति मिलती है और मां गंगा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ