---विज्ञापन---

Religion angle-right

Chhath Puja 2025: बिहार से बाहर देश के इन 5 राज्यों में भी दिखता है छठ पूजा की आस्था का अद्भुत नजारा

Chhath Puja 2025: छठ पूजा सिर्फ अब आस्था का पर्व नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, प्रकृति और भक्ति का अद्भुत संगम बन गया है. बिहार से शुरू हुआ यह त्योहार अब पूरे देश में अपनी छाप छोड़ चुका है. जानिए, बिहार से बाहर किन 5 राज्यों में छठ पूजा का नज़ारा सबसे भव्य और अनोखा होता है?

---विज्ञापन---

Chhath Puja 2025: छठ पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह भारत की लोक संस्कृति, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामूहिक आस्था का अद्भुत संगम है. यह पर्व सूर्य देव और छठी माई की उपासना के माध्यम से जीवन में ऊर्जा, समृद्धि और संतति की कामना का प्रतीक है. अब छठ पूजा भारत की उस परंपरा का उत्सव है जहाँ भक्ति, प्रकृति और संस्कृति एक साथ झूम उठती हैं.

बिहार से शुरू हुआ यह पर्व अब देशभर में अपनी जड़ें फैला चुका है और भारतीय सांस्कृतिक पर्यटन का अहम हिस्सा बन गया है. आइए जानते हैं, बिहार से बाहर देश के किन 5 राज्यों में भी दिखता है छठ पूजा की आस्था का अद्भुत नजारा?

---विज्ञापन---

यूपी में गंगा किनारे का स्वर्गीय दृश्य

उत्तर प्रदेश में छठ पूजा का माहौल किसी लोक उत्सव से कम नहीं होता. वाराणसी और प्रयागराज के घाटों पर जब हजारों दीपक टिमटिमाते हैं और व्रती उगते-डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं, तो पूरा वातावरण मंत्रमुग्ध हो उठता है. गंगा आरती की गूंज, लोक गीतों की मिठास और श्रद्धालुओं की आस्था का समंदर, सब मिलकर छठ की शाम को दिव्यता से भर देते हैं. इनके साथ ही लखनऊ में गोमती का किनारा, अयोध्या में सरयू का तल भी लाजवाब दृश्य उत्पन्न करता है.

यमुना किनारे दिल्ली की धड़कन में बिहारी रंग

राजधानी दिल्ली में छठ पूजा बिहार और पूर्वी यूपी की संस्कृति का जीवंत प्रतिबिंब बन चुकी है. कालिंदी कुंज, आईटीओ और मजनूं का टीला जैसे घाटों पर हजारों श्रद्धालु सूर्य की आराधना के लिए जुटते हैं. दिल्ली सरकार द्वारा बनाए गए कृत्रिम तालाब और सजावट से पूरा माहौल ‘मिनी बिहार’ जैसा नजर आता है, जहां आधुनिकता और परंपरा का सुंदर संगम दिखता है.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Zodiac Personality Traits: इन 4 राशियों के लोग होते हैं सबसे रहस्यमय, नहीं खोलते हैं अपने दिल के राज

झारखंड, जहां प्रकृति खुद करती है आराधना

झारखंड की धरती पर छठ पूजा प्रकृति की गोद में मनाई जाती है. जमशेदपुर के डोमुहानी घाट पर सुवर्णरेखा और खरकाई नदियों का संगम दीपों और सजावट से जगमगा उठता है. रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, धनबाद और बोकारो की झीलों के किनारे व्रती जब सूर्य की आराधना करते हैं, तो लगता है मानो पूरी प्रकृति भक्ति में लीन हो गई हो.

---विज्ञापन---

हुगली की लहरों में छठ की मिठास

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हुगली नदी यानी भागीरथी का तट छठ पूजा के दौरान जीवंत हो उठता है. यहां पूर्वांचल और बंगाल की संस्कृतियां मिलकर एक नई छवि बनाती हैं. दीपों की कतारें, पारंपरिक गीत और नदी किनारे का उत्सवपूर्ण माहौल इसे एक अद्भुत अनुभव बना देता है, जो दिखाता है कि आस्था भाषा या क्षेत्र की नहीं, भाव की होती है.

ये भी पढ़ें: Vastu Tips: सिरहाने रखी ये चीजें बढ़ाती हैं तनाव और अशुभता, जानिए बचने के अचूक उपाय

---विज्ञापन---

मुंबई में ‘सागर और सूर्य’ का संगम

मुंबई के अरब सागर किनारे जब हजारों श्रद्धालु सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं, तो दृश्य किसी फिल्म के क्लाइमेक्स जैसा लगता है. जुहू चौपाटी पर छठ पूजा का आयोजन मुंबई की विविधता और एकता दोनों को दर्शाता है. यहां समुद्र की लहरों के बीच हर साल गूंजते छठ गीत बताते हैं कि आस्था हर शहर की पहचान बन सकती है, बस भावना सच्ची होनी चाहिए.

भारत की आत्मा में गूंजता एक ही स्वर: ‘जय छठी माई!’

आज छठ पूजा केवल बिहार का पर्व नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकजुटता और साझा परंपरा का प्रतीक बन चुका है. घाटों पर उमड़ती भीड़, पारंपरिक गीत और सूर्य उपासना का भाव हमें याद दिलाता है कि भारत की ताकत उसकी विविधता और आस्था में निहित है.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Lucky Zodiac Signs: इन 5 राशियों पर बरसती है मां लक्ष्मी की विशेष कृपा, इसमें कहीं आप भी तो नहीं

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

---विज्ञापन---
First published on: Oct 24, 2025 08:03 AM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola