News24 हिंदी
न्यूज 24 डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।
Read More---विज्ञापन---
Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य अर्थशास्त्र और राजनीति के जानकार होने के साथ साथ जीवन के मूल्यों को भी बहुत से गहराई से जानते थे। चाणक्य का मानना था कि मनुष्य को हमेशा किसी के निकट आने से पहले उसकी सही से जांच और परख लेनी चाहिए। इसके बारे में उन्होंने अपनी किताब चाणक्य नीति में विस्तार से बताया है। इस लेख में हम बताने जा रहे हैं कि आचार्य चाणक्य के अनुसार किन 5 लोगों से संबंध रखने से मनुष्य बर्बाद हो जाता है?
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि किसी भी मनुष्य को मूर्ख लोगों को ज्ञान नहीं देना चाहिए, नहीं तो बाद में उसे स्वंय ही हानि उठानी पड़ती है। चाणक्य की मानें तो मूर्ख व्यक्ति को सज्जन पुरुष यदि भावनाओं में आकार ज्ञान दे भी देता है, तो उसे बाद में कष्ट अवश्य ही सहना पड़ता है।
चाणक्य के अनुसार, यदि किसी पुरुष का संपर्क किसी कुलटा या चरित्रहीन स्त्री से हो जाता है, तो उसे एक निश्चित समय के बाद जीवनभर कष्ट और दुख ही भोगना पड़ता है। चाणक्य कहते हैं, शुरुआत में ऐसे पुरुष को वह कुलटा स्त्री दुनिया की सबसे सभ्य और चरित्रवान प्रतीत होती है, परंतु जैसे ही पुरुष का बैंक बैलेंस यानि धन कम होता जाता है, वैसे ही वह कुलटा स्त्री अपने लिए नए पुरुष की तलाश करने लगती है। जब तक पुरुष को इस बात का एहसास होता है, वह लुट चुका होता है।
यह भी पढ़ें: पितृपक्ष 2024: पहले दिन अगस्त्य मुनि का तर्पण क्यों किया जाता है ?
यहां चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति किसी संक्रमित रोग से ग्रसित है और यह जानते हुए भी कोई मनुष्य उससे संबंध रखता है या मिलता जुलता है, तो प्रबल संभावना है कि वह भी उस रोग से संक्रमित हो सकता है और समय से पहले ही मृत्यु को भी प्राप्त कर सकता है।
यहां दिवालिया से आचार्य चाणक्य का तात्पर्य यह है कि ऐसा मनुष्य जो किसी गलत संगत या बुद्धि के अभाव में अपना सब धन गंवा दिया हो, ऐसे मनुष्य से भी सोच समझकर ही संबंध रखना या बनाना चाहिए। दिवालिया लोग हमेशा अवसादग्रस्त यानी डिप्रेशन में होते हैं और यदि आप ऐसे लोगों के संपर्क में रहते हैं तो निश्चित ही आप भी डिप्रेशन में आ जाएंगे।
जिस घर में दुष्ट स्त्री का वास हो जाता है, उस घर का स्वामी मृतक की भांति ही अपना जीवन जीता है। क्योंकि ऐसी स्त्री हमेशा खुद की ही सुनती है और उसे जो मन होता है, वही काम करती है । वह काम करने या बोलने से पहले यह नहीं सोचती कि इससे सामने वाले पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
ये भी पढ़ें: Chandra Grahan 2024: चंद्र ग्रहण की तारीख रिवील, भारत में दिखेगा या नहीं? जानें डेट, टाइम और सूतक काल
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
न्यूज 24 पर पढ़ें Religion, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।