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Chaitra Navratri Vrat: किसी कारण से नवरात्रि व्रत टूट जाए तो क्या करें, जानें शास्त्र-सम्मत उपाय

Chaitra Navratri Vrat: नवरात्रि व्रत के दौरान अगर भूल से व्रत टूट जाए तो क्या करें? क्या इससे पूजा अधूरी मानी जाती है? शास्त्रों में इसके लिए क्या उपाय बताए गए हैं? जानिए कैसे सच्चे मन से की गई प्रार्थना और सही कदम इस स्थिति को संभाल सकते हैं.

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Written By: Shyamnandan Updated: Mar 19, 2026 12:35
VRAT

Chaitra Navratri Vrat: नवरात्रि का व्रत श्रद्धा, अनुशासन और आस्था का प्रतीक माना जाता है. कई लोग पूरे नियम से उपवास रखते हैं, लेकिन कभी-कभी अनजाने में गलती हो जाती है और व्रत टूट जाता है. ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है. शास्त्र बताते हैं कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना और सही उपायों से इस दोष को काफी हद तक दूर किया जा सकता है.

व्रत टूट जाए तो क्या करें?

यदि भूलवश व्रत टूट जाए, तो सबसे पहले मन को शांत रखें. माता के सामने दीप जलाएं और सच्चे भाव से क्षमा मांगें. आरती करें और दोबारा व्रत का संकल्प लें. पूजा को बीच में छोड़ना सही नहीं माना जाता, इसलिए श्रद्धा के साथ आगे की साधना जारी रखें.

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दोबारा संकल्प लेना जरूरी

व्रत टूटने के बाद कई लोग उसे पूरी तरह छोड़ देते हैं. यह उचित नहीं है. उसी दिन या अगले दिन से फिर से नियमों के साथ व्रत शुरू करें. यह आस्था और निष्ठा का संकेत माना जाता है.

शीघ्र करें ये उपाय

मुख शुद्धि के लिए 12 बार कुल्ला करना एक सरल उपाय माना गया है. इसके बाद माता की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराएं और विधि अनुसार पूजा करें. इससे मन को भी शांति मिलती है और पूजा का क्रम भी सही रहता है.

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मंत्र जाप का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ मंत्र का जाप विशेष फलदायी होता है. कम से कम 10 माला जाप करने की सलाह दी जाती है. इससे मानसिक एकाग्रता बढ़ती है और श्रद्धा मजबूत होती है.

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दान से मिलता है संतुलन

यदि गलती से कुछ खा लिया गया है, तो उसी प्रकार का भोजन या अपनी क्षमता अनुसार फल, अनाज या वस्त्र किसी जरूरतमंद को दान करें. इसे दोष कम करने का प्रभावी उपाय माना जाता है.

हवन और विशेष पूजा

कुछ लोग दोष निवारण के लिए घर में छोटा हवन कराते हैं. इसके साथ देवी का अभिषेक भी किया जा सकता है. यह उपाय वातावरण को शुद्ध करता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है.

किन बातों का रखें ध्यान

अनजाने में हुई गलती को क्षमा योग्य माना गया है. लेकिन जानबूझकर व्रत तोड़ना उचित नहीं माना जाता. वहीं, बीमारी या कमजोरी की स्थिति में दवा लेना या व्रत छोड़ना दोष नहीं माना जाता.

आस्था में निरंतरता जरूरी

नवरात्रि केवल उपवास नहीं, बल्कि मन और विचारों की शुद्धि का समय है. ऐसे में व्रत के साथ संयम, सकारात्मक सोच और नियमित पूजा को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी माना जाता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 19, 2026 12:35 PM

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