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Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि में करें इन सिद्ध मंत्रों का जाप, मां दुर्गा की कृपा से पूरी होंगी हर इच्छा

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026, दिन गुरुवार को हो चुकी हैं. चैत्र नवरात्रि का समापन 27 मार्च को राम नमवी के साथ होगा. इस दौरान नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के स्वरूप की पूजा की जाती है. आपको नवरात्रि के दौरान पूजा में मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करना चाहिए.

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Edited By : Aman Maheshwari Updated: Mar 21, 2026 16:47
Photo Credit- AI

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है और इसका समापन 27 मार्च को होगा. आप चैत्र नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए उनके शक्तिशाली मंत्रों का जाप कर सकते हैं. चैत्र नवरात्रि में व्रत करने और मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा के साथ ही इन मंत्रों का जाप करने से आपकी हर मनोकामना पूरी होगी. मां दुर्गा को समर्पित इन सिद्ध मंत्रों के बारे में जानते हैं जिनका जाप करने से आपको देवी मां का आशीर्वाद मिलेगा और हर मनोकामना पूरी होगी.

चैत्र नवरात्रि में करें इन शक्तिशाली मंत्रों का जाप

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

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या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

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या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु शांतिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

सर्वस्वरुपे सर्वेशे सर्वशक्तिमन्विते ।
भये भ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमो स्तुते ॥

हिनस्ति दैत्येजंसि स्वनेनापूर्य या जगत् ।
सा घण्टा पातु नो देवि पापेभ्यो नः सुतानिव ॥

शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे ।
सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमो स्तुते ॥

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स्तुति मंत्र

ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।

रोग, भय और दरिद्रता दूर करने के लिए

दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो:
स्वस्थै: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्र्यदु:खभयहारिणि का त्वदन्या
सर्वोपकारकरणाय सदाऽऽर्द्रचित्ता॥

सफलता और सौभाग्य पाने के लिए

नतेभ्यः सर्वदा भक्त्या चण्डिके दुरितापहे |
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ||

मां दुर्गा के मुख्य और शक्तिशाली मंत्र

बीज मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

सुरक्षा मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः

सर्व कल्याण मंत्र
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते॥

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 21, 2026 04:47 PM

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