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Navratri Kanya Pujan 2025: चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी और नवमी कब है? नोट कर लें सही डेट और कन्या पूजन का मुहूर्त

Navratri Kanya Pujan 2025: आज बुधवार 2 अप्रैल, 2025 को चैत्र नवरात्रि त्योहार का पांचवां दिन है। इस बार की चैत्र नवरात्रि 9 दिन की बजाय सिर्फ 8 दिन होने की से बेहद कन्फ्यूजन की स्थिति बन गई है कि महाअष्टमी और नवमी तिथि कब है? आइए जानते हैं, ये तिथियां कब हैं और कन्या-पूजन का मुहूर्त क्या है?

Navratri Kanya Pujan 2025: साल में कुल चार नवरात्रि आती है, जिसमें से दो गुप्त और दो प्रत्यक्ष नवरात्रि होती हैं। चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि को प्रत्यक्ष नवरात्रि कहते हैं। अभी चैत्र नवरात्रि चल रही है। आज बुधवार 2 अप्रैल, 2025 को इस त्योहार का पांचवां दिन है। इस बार चैत्र शुक्ल पक्ष की द्वितीया और तृतीया तिथि एक ही तारीख को पड़ने के कारण इस बार की चैत्र नवरात्रि मात्र 9 दिन की होने की बजाय सिर्फ 8 दिन की है।

ऐसे में बेहद कन्फ्यूजन की स्थिति बन गई है कि महाअष्टमी तिथि और नवमी तिथि कब है? आइए जानते हैं, नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथियों को महाअष्टमी और महानवमी क्यों कहते हैं, ये तिथियां कब हैं और कन्या-पूजन का मुहूर्त क्या है?

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महाअष्टमी और महानवमी तिथियों का महत्व

नवरात्रि के आठवें और नौवें दिन यानी अष्टमी तिथि को मां दुर्गा के जिन रूपों की पूजा की जाती है, वे हैं महागौरी और सिद्धिदात्री। मान्यता है कि देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध अष्टमी और नवमी के बीच किया था। इसलिए इन्हें महाअष्टमी और महानवमी कहा जाता है। ये दिन माता दुर्गा के शक्तिशाली रूप की पूजा के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माने जाते हैं और इन तिथियों पर देवी के प्रति विशेष आराधना और अनुष्ठान किए जाते हैं।

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महाअष्टमी और नवमी कब है?

वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 4 अप्रैल 2025, शुक्रवार को रात 8 बजकर 12 मिनट पर होगी और इसका समापन 5 अप्रैल 2025, शनिवार को रात 7 बजकर 26 मिनट पर होगा। वहीं, पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 5 अप्रैल 2025, शनिवार को रात 7 बजकर 26 मिनट पर होगी और इसका समापन 6 अप्रैल 2025, रविवार को रात 7 बजकर 22 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, चैत्र नवरात्रि 2025 की महाअष्टमी दिन 5 अप्रैल और महानवमी तिथि 6 अप्रैल को होगी।

चैत्र नवरात्रि 2025 में कन्या पूजन का महत्व

चैत्र नवरात्रि 2025 में कन्या पूजन का विशेष महत्व है, जो नवरात्रि के आठवें और नौवें दिन यानी अष्टमी और नवमी तिथियों को आयोजित किया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है, जो खासतौर पर उत्तर भारत में मनाई जाती है। इस दिन विशेष रूप से छोटी कन्याओं का पूजन किया जाता है, जिन्हें देवी के रूप में पूजा जाता है। इस दिन नौ छोटी लड़कियों को ‘नौ देवी’ के रूप में प्रतिष्ठित कर पूजा जाता है।

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कन्या पूजन: कन्या पूजन में प्रत्येक कन्या को न सिर्फ सम्मानित किया जाता है बल्कि उन्हें स्वादिष्ट भोजन भी खिलाया जाता है। उनके खाने में खासतौर पर पूड़ी, हलवा, चने आदि शामिल होते हैं। इसके अलावा उन्हें दक्षिणा दी जाती है, जैसे पैसे, मिठाइयां या अन्य उपहार, ताकि उनकी पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके। यह इस विश्वास से जुड़ा हुआ है कि यह कार्य देवी के आशीर्वाद का कारण बनता है।

लंगूर पूजन: नवरात्रि के अवसर पर एक और परंपरा है, जिसमें एक छोटे लड़के को लंगूर के रूप में पूजा जाता है, जो हनुमान जी का प्रतीक माना जाता है। लंगूर को पूजा में बैठाकर उसे भोजन और दक्षिणा दी जाती है ताकि उसकी पूजा से हर संकट और बाधाओं को दूर किया जा सके।

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चैत्र नवरात्रि 2025: कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त

महाअष्टमी के दिन कन्या पूजन 5 अप्रैल को सुबह 11:59 AM से दोपहर 12:49 PM तक कर सकते हैं। नवरात्रि की नवमी तिथि को भगवान राम का जन्म हुआ था। इसलिए नवमी तिथि को रामनवमी त्योहार भी मनाई जाती है। भगवान राम के जन्म के साथ इस दिन कन्या पूजन के लिए अभिजित मुहूर्त सबसे अच्छा समय माना जाता है। ऐसे में सुबह 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक कन्या पूजन कर सकते हैं।

चैत्र नवरात्रि महाअष्टमी के शुभ मुहूर्त:

  • ब्रह्म मुहूर्त: 04:35 AM से 05:21 AM
  • प्रातः संध्या: 04:58 AM से 06:07 AM
  • अभिजित मुहूर्त: 11:59 AM से 12:49 पी एम

चैत्र नवरात्रि महानवमी के शुभ मुहूर्त:

  • ब्रह्म मुहूर्त: 04:34 AM से 05:20 AM
  • प्रातः संध्या: 04:57 AM से 06:05 AM
  • अभिजित मुहूर्त: 11:58 AM से 12:49 पी एम

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Apr 02, 2025 05:24 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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