Bhalchandra Sankashti Upay: भालचंद्र संकष्टी की शाम में करें ये 3 शाक्तिशाली उपाय, विघ्न-बाधाएं होंगी दूर, बढ़ेगा बैंक बैलेंस

Bhalchandra Sankashti Upay: चैत्र कृष्ण चतुर्थी की भालचंद्र संकष्टी पर शाम की पूजा बेहद प्रभावी मानी जाती है. मान्यता है कि इस समय किए गए 3 छोटे लेकिन शक्तिशाली उपाय भगवान गणेश की विशेष कृपा दिलाते हैं, विघ्न-बाधाएं घटती हैं और आर्थिक स्थिति भी सुधर सकती है. आइए जानते हैं, ये सरल उपाय क्या हैं और शाम को इन्हें कैसे करें?

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Bhalchandra Sankashti Upay: चैत्र मास की कृष्ण चतुर्थी को आने वाली भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश की विशेष कृपा पाने का शुभ अवसर मानी जाती है. इस दिन व्रत और पूजा के साथ शाम के समय किए गए छोटे-छोटे उपाय अत्यंत प्रभावी माने जाते हैं. धार्मिक मान्यता है कि संध्या के समय गणेश जी की आराधना करने से जीवन की रुकावटें कम होती हैं, मन शांत रहता है और कार्यों में सफलता मिलने लगती है. इसलिए भालचंद्र संकष्टी की शाम को किए जाने वाले कुछ सरल उपाय विशेष महत्व रखते हैं.

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भालचंद्र संकष्टी का धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है. इस बार यह तिथि 6 मार्च 2026 को पड़ रही है. भगवान गणेश का एक नाम भालचंद्र भी है. इसका अर्थ है वह देवता जिनके मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हो.

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गणेश पूजा करने से चंद्र दोष के प्रभाव कम होते हैं. मानसिक तनाव में कमी आती है. घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. संकष्टी चतुर्थी को संकट दूर करने वाली तिथि भी कहा जाता है.

व्रत और पूजा से मिलने वाले लाभ

मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और गणेश जी की पूजा करने से बुद्धि और विवेक में वृद्धि होती है. कई लोग यह व्रत संतान की सुरक्षा और प्रगति के लिए भी रखते हैं.

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ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के काम बार-बार रुकते हों, व्यापार में हानि हो रही हो या आर्थिक दबाव बढ़ गया हो, तो संकष्टी चतुर्थी की पूजा लाभकारी मानी जाती है. इससे नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और जीवन में नए अवसर बनने लगते हैं.

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शाम को करें ये उपाय

दूर्वा और गुड़ का सरल उपाय

भालचंद्र संकष्टी की शाम को भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करने का विशेष महत्व बताया जाता है. हर बार दूर्वा चढ़ाते समय “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जप करें. इसके साथ गणेश जी के चरणों में गुड़ का एक छोटा टुकड़ा रखें. पूजा के बाद यह गुड़ गाय को खिला दें. मान्यता है कि इससे धन से जुड़ी रुकावटें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं.

दीपक और शमी पत्र का उपाय

यदि किसी काम में बार-बार रुकावट आ रही हो तो शाम की पूजा में घी का चौमुखी दीपक जलाना शुभ माना जाता है. दीपक में दो काली मिर्च डालने की परंपरा भी कई जगह बताई जाती है. इसके बाद गणेश जी को पांच शमी के पत्ते अर्पित करें. शमी वृक्ष को शास्त्रों में पवित्र माना गया है. मान्यता है कि इससे अटके कामों में गति आती है.

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लाल चंदन के तिलक का उपाय

शाम की आरती के समय गणेश जी को लाल चंदन का तिलक लगाएं. उसी चंदन से अपने माथे पर भी तिलक करें. कई लोग अपनी तिजोरी या धन रखने की जगह पर भी हल्का चंदन तिलक लगाते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इससे मन एकाग्र रहता है और कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है. साथ ही घर का वातावरण भी शांत और सकारात्मक बना रहता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामुद्रिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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