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Astro Tips: कभी फ्री में न लें ये 5 चीजें, ग्रह हो जाते हैं खराब; पीछे पड़ जाती है कंगाली

Astro Tips: शास्त्रों के अनुसार कुछ वस्तुएं मुफ्त में लेने से जीवन में असंतुलन और बाधाएं बढ़ सकती हैं. कहा जाता है कि कुछ सामान न सिर्फ धन-हानि लाते हैं, बल्कि घर की सकारात्मक ऊर्जा पर भी असर डालते हैं. आइए जानते हैं, ये 5 चीजें कौन-सी हैं, जिन्हें कभी भी मुफ्त में नहीं लेना चाहिए?

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Astro Tips: आज के समय में लोग अक्सर फ्री में मिलने वाली चीजों को बिना सोचे-समझे ले लेते हैं. कई बार फ्री की गई चीजें तुरंत तो लाभ देती हैं, लेकिन मान्यता है कि उनका असर बाद में जीवन में असंतुलन और बाधाओं के रूप में दिखाई दे सकता है. वहीं, हिन्दू धर्म और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ वस्तुएं ऐसी हैं, जिन्हें मुफ्त में लेना जीवन और धन दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है. इसी कारण शास्त्रों में कहा गया है कि कुछ वस्तुओं का लेनदेन हमेशा सोच-समझकर और नियमों के अनुसार ही करना चाहिए, ताकि घर की सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे. आइए जानते हैं, ये 5 चीजें क्या हैं, जिसे कभी फ्री में नहीं लेना चाहिए?

नमक

नमक को अक्सर साधारण सामग्री समझकर मुफ्त ले लिया जाता है. लेकिन शुक्र और चंद्रमा से जुड़ा होने के कारण यह ग्रह मुफ्त में लेने पर असंतुलित हो सकते हैं. इससे जीवन में रोग और आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती हैं. अगर किसी कारणवश नमक लेना ही पड़े, तो उसे किसी अन्य वस्तु के बदले लें. यह छोटा-सा उपाय नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकता है.

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सुई

सुई को भी कभी फ्री में नहीं लेना चाहिए. अगर आप मुफ्त में सुई लेते हैं, तो परिवार में मतभेद और संबंधों में दरार आने की संभावना बढ़ जाती है. सुई को केवल अपने खर्च पर खरीदना ही सुरक्षित माना जाता है.

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रुमाल

रुमाल को अक्सर छोटी और महत्वहीन वस्तु समझा जाता है. लेकिन हिन्दू धर्म के अनुसार इसे मुफ्त में लेने से लोगों के बीच मनमुटाव और झगड़े बढ़ सकते हैं. बेहतर यह है कि रुमाल हमेशा अपने खर्च से खरीदी जाए.

लोहा

लोहा शनि देव से जुड़ा माना जाता है. दान में मिला लोहा घर में दरिद्रता और आर्थिक संकट ला सकता है. इसलिए लोहा कभी भी मुफ्त में न लें, खासकर घर की मरम्मत या पूजा के लिए.

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तेल

तेल को भी शनि देव से जोड़कर देखा जाता है. मुफ्त में लिया गया तेल आर्थिक कमजोरी और जीवन में अनावश्यक समस्याएं ला सकता है. यदि तेल की आवश्यकता हो, तो उसे हमेशा खरीदें.

आपको बता दें कि इन 5 चीजों के अलावा भी, छोटे पैमाने की वस्तुएं जैसे मिर्च, हल्दी या धूप अगर मुफ्त में ली जाएं तो नुकसान नहीं होता, लेकिन महत्व रखने वाली चीजें हमेशा अपने खर्च पर ही लें. यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को कम करने और जीवन में समृद्धि बनाए रखने में मदद करता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: Nov 26, 2025 07:42 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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