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Aja Ekadashi 2026 Today: आज है अजा एकादशी व्रत, जरूर करें इस कथा का पाठ; खुलेंगे सुख-समृद्धि के द्वार

Aja Ekadashi 2026 Today: आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी है. आज अजा एकादशी व्रत है. आपको विष्णु भगवान की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने के साथ ही इस व्रत कथा का पाठ करना चाहिए.

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Aja Ekadashi 2026 Today: आज 7 सितंबर को भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है. इस दिन को अजा एकादशी के रूप में मनाया जाता है. यह दिन सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा के लिए बहुत ही खास है. एकादशी के दिन विष्णु जी की पूजा और व्रत करने से श्रीहरि की आशीर्वाद मिलता है. आपको अजा एकादशी व्रत के पूर्ण फल की प्राप्ति के लिए यहां बताई इस व्रत कथा का पाठ करना चाहिए. अजा एकादशी व्रत करने, विष्णु जी की पूजा करने और व्रत कथा का पाठ करने से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होगा.

अजा एकादशी व्रत कथा (Aja Ekadashi Vrat Katha)

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में अयोध्या नगरी में हरिश्चन्द्र नाम के एक राजा का राज था. राजा हरिश्चन्द्र सत्यनिष्ठा और ईमानदारी के लिए प्रसिद्ध थे. वह अत्यन्त वीर, प्रतापी और परोपकारी थे. एक बार देवताओं ने राजा हरिश्चन्द्र की परीक्षा लेने के बारे में सोचा. एक बार उन्हें सपना आया कि, उन्होंने ऋषि विश्ववामित्र को अपना राजपाट दान कर दिया. इसके बाद ऋषि विश्ववामित्र उनके द्वार पर आए. ऋषि विश्ववामित्र ने कहा कि, तुमने सपने में मुझे राजपाट दान किया था. राजा हरिश्चन्द्र ने अपनी सत्यनिष्ठा का परिचय दिया. उन्होंने अपना सारा राजपाट उन्हें सौंप दिया.

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राजा हरिश्चन्द्र को दान की दक्षिणा देने के लिए खुद को, अपने बेटे और पत्नी को बेचना पड़ा. राजा हरिश्चन्द्र को काशी के डोम परिवार के कालु डोम ने खरीदा. कालु डोम ने राजा हरिश्चंद्र को मणिकर्णिका घाट पर शवदाह कार्य के लिए तैनात किया. राजा हरिश्चन्द्र कई सालों तक यहीं काम करते रहे. उन्हें जब इस बात का दुख हुआ, तो मुक्ति पाने का उपाय खोजना शुरू किया. उन्होंने गौतम ऋषि को अपनी दुख भरी कहानी सुनाई. गौतम ऋषि ने राजा हरिश्चन्द्र को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी का व्रत करने के लिए कहा.

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राजा हरिश्चन्द्र विधिपूर्वक किया उपवास

गौतम ऋषि के कहने के अनुसार, राजा हरिश्चन्द्र ने भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी का व्रत किया. इस उपवास को करने से उनके सभी दुख नष्ट हो गए. इसके बाद उन्हें अपना राजपाट वापस मिल गया. ऐसा माना जाता है कि, पूरी श्रद्धा भाव के साथ अजा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में चल रहे सभी दुखों का अंत होता है. आप अजा एकादशी पर इस व्रत कथा का पाठ अवश्य करें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Sep 07, 2026 07:44 AM

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