Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

Aarti Chalisa

Baglamukhi kavach Lyrics: सुबह-शाम पढ़ें बगलामुखी कवच, हर संकट से मिल सकती है मुक्ति

Maa Baglamukhi Kavach Lyrics: बगलामुखी कवच एक रहस्यमयी अस्त्र है, जिसके नियमित पाठ से व्यक्ति को अपने जीवन की तमाम समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है. यहां पर आप बगलामुखी कवच के लिरिक्स, लाभ और नियम आदि के बारे में विस्तार से जान सकते हैं.

Author
Written By: Nidhi Jain Updated: Apr 20, 2026 13:55
Maa Baglamukhi Kavach Lyrics
Credit- Social Media

Maa Baglamukhi Kavach Lyrics: मां बगलामुखी को हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं में से एक माना जाता है, जिन्हें पीताम्बरा देवी के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि जो लोग नियमित रूप से मां बगलामुखी की पूजा करते हैं, उन्हें जीवन में विभिन्न सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होती है. साथ ही शत्रुओं से छुटकारा मिलता है और वाणी पर नियंत्रण रहता है. हालांकि, कुछ लोग बुरी नजर, टोना-टोटका और नकारात्मक ऊर्जा आदि तंत्र-मंत्र से मुक्ति पाने के लिए भी बगलामुखी माता को पूजते हैं.

यदि आप भी बगलामुखी देवी से मनचाहा वर पाना चाहते हैं तो उसके लिए सुबह-शाम नियमानुसार बगलामुखी कवच का पाठ कर सकते हैं. चलिए अब जानें बगलामुखी कवच के लिरिक्स और पाठ से जुड़े नियमों के बारे में.

---विज्ञापन---

मां बगलामुखी कवच

॥अथ बगलामुखी कवचं प्रारभ्यते॥
श्रुत्वा च बगला पूजां स्तोत्रं चापि महेश्वर।
इदानीं श्रोतुमिच्छामि कवचं वद मे प्रभो।
वैरिनाशकरं दिव्यं सर्वाऽशुभ विनाशकम्।
शुभदं स्मरणात्पुण्यं त्राहि मां दु:ख-नाशनम्॥

॥श्री भैरव उवाच॥
कवच श्रृणु वक्ष्यामि भैरवि। प्राणवल्लभम्।
पठित्वा-धारयित्वा तु त्रैलोक्ये विजयी भवेत्॥

---विज्ञापन---

विनियोग करें
ॐ अस्य श्री बगलामुखीकवचस्य नारद ऋषि: अनुष्टुप्छन्द: श्रीबगलामुखी देवता।
ह्लीं बीजम्। ऐं कीलकम्।
पुरुषार्थचतुष्टयसिद्धये जपे विनियोग:॥

॥अथ कवचम्॥

शिरो मे बागला पातु ह्रदयैकक्षरी परा।
ॐ ह्रीं ॐ मे ललाटे च बगला वैरिनाशिनी॥
गदाहस्ता सदा पातु मुखं मे मोक्षदायिनी।
वैरि जिह्राधरा पातु कण्ठं मे बगलामुखी॥
उदरं नाभिदेंश च पातु नित्यं परात्परा।
परात्परतरा पातु मम गुह्रं सुरेश्वरी॥
हस्तौ चैव तथा पादौ पार्वती परिपातु मे।
विवादे विषमे घोरे संग्रामे रिपुसंकटे॥
पीताम्बरधरा पातु सर्वांगं शिवंनर्तकी।
श्रीविद्या समयं पातु मातंगी पूरिता शिवा॥
पातु पुत्रीं सूतञचैव कलत्रं कलिका मम।
पातु नित्यं भ्रातरं मे पितरं शूलिनी सदा॥
रंध्रं हि बगलादेव्या: कवचं सन्मुखोदितम्।
न वै देयममुख्याय सर्वसिद्धि प्रदायकम्॥
पठनाद्धारणादस्य पूजनादवांछितं लभेत्।
इंद कवचमज्ञात्वा यो जपेद् बगलामुखीय॥
पिबन्ति शोणितं तस्य योगिन्य: प्राप्य सादरा:।
वश्ये चाकर्षणे चैव मारणे मोहने तथा॥
महाभये विपतौ च पठेद्वरा पाठयेतु य:।
तस्य सर्वार्थसिद्धि:। स्याद् भक्तियुक्तस्य पार्वति॥

ये भी पढ़ें- Baba Vanga Predictions: साल 2026 खत्म होने से पहले ये 5 राशियां होंगी मालामाल! मरने से पहले बाबा वेंगा ने की थी भविष्यवाणी

बगलामुखी कवच के पाठ से जुड़े नियम

  • कवच पढ़ने से पहले बगलामुखी माता की पूजा करें.
  • जल्दबाजी में कवच का गलत उच्चारण न करें.
  • स्नान करने के बाद ही कवच का पाठ करें.
  • पाठ करने वाले व्यक्ति को तामसिक चीजें नहीं खानी चाहिए.

ये भी पढ़ें- Navpancham Drishti: होने वाला है इन 4 राशियों का अच्छा समय शुरू, मंगल-यम बनाएंगे नवपंचम दृष्टि

ये भी पढ़ें- Kedarnath Baba Ki Aarti: घर बैठे भी प्राप्त कर सकते हैं केदार बाबा की विशेष कृपा, पूजा के दौरान पढ़ें ये आरती

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Apr 20, 2026 01:53 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.