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Aarti Chalisa

Hanuman Ashtak Lyrics In Hindi: आज हनुमान जयंती पर जरूर करें हनुमान अष्टक का पाठ, दूर होंगे सभी संकट और कष्ट

Hanuman Ashtak Lyrics In Hindi: आज हनुमान जयंती पर बजरंगबली की विशेष कृपा के लिए आप संकट मोचन हनुमान अष्टक का पाठ कर सकते हैं. हनुमान अष्टक का पाठ करने से जीवन से नकारात्मकता का अंत होगा.

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Edited By : Aman Maheshwari Updated: Apr 2, 2026 10:57
Hanuman Ashtak Lyrics In Hindi
Photo Credit- News24GFX

Hanuman Ashtak Lyrics In Hindi: आज यानी 2 अप्रैल 2026, दिन गुरुवार को हनुमान अष्टक का पाठ अवश्य करें. हनुमान अष्टक का पाठ करने से बजरंगबली की कृपा प्राप्त होगी और बल, बुद्धि और विद्या का आशीर्वाद मिलेगा. आपको आज हनुमान जयंती पर हनुमान चालीसा का साथ ही हनुमान अष्टक का पाठ करना चाहिए. इससे जीवन के संकट, रोग, भय, और नकारात्मकता से मुक्ति मिलेगी. हनुमान अष्टक का पाठ स्नान कर साफ वस्त्र पहनकर शांत स्थान पर बैठकर करें. आप हनुमान जयंती के अवसर पर पूजा के दौरान हनुमान अष्टक का पाठ कर सकते हैं.

हनुमान अष्टक का पाठ (Hanuman Ashtak Lyrics In Hindi)

बाल समय रवि भक्षि लियोतब तीनहुँ लोक भयो अँधियारो।
ताहि सों त्रास भयो जग कोयह संकट काहु सों जात न टारो।

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देवन आनि करी बिनतीतब छाँड़ि दियो रबि कष्ट निवारो।
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥1॥

बालि की त्रास कपीस बसैगिरि जात महाप्रभु पंथ निहारो।
चौंकि महा मुनि साप दियोतब चाहिय कौन बिचार बिचारो।

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कै द्विज रूप लिवाय महाप्रभुसो तुम दास के सोक निवारो।
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥2॥

अंगद के सँग लेन गये सियखोज कपीस यह बैन उचारो।
जीवत ना बचिहौ हम सो जुबिना सुधि लाए इहाँ पगु धारो।

हेरि थके तट सिंधु सबैतब लाय सिया-सुधि प्रान उबारो।
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥3॥

रावन त्रास दई सिय कोसब राक्षसि सों कहि सोक निवारो।
ताहि समय हनुमान महाप्रभुजाय महा रजनीचर मारो।

चाहत सीय असोक सों आगि सुदै प्रभु मुद्रिका सोक निवारो।
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥4॥

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बान लग्यो उर लछिमन केतब प्रान तजे सुत रावन मारो।
लै गृह बैद्य सुषेन समेत तबैगिरि द्रोन सु बीर उपारो।

आनि सजीवन हाथ दईतब लछिमन के तुम प्रान उबारो।
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥5॥

रावन जुद्ध अजान कियो तबनाग कि फाँस सबै सिर डारो।
श्रीरघुनाथ समेत सबै दलमोह भयो यह संकट भारो।

आनि खगेस तबै हनुमान जुबंधन काटि सुत्रास निवारो।
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥6॥

बंधु समेत जबै अहिरावनलै रघुनाथ पताल सिधारो।
देबिहिं पूजि भली बिधि सोंबलि देउ सबै मिलि मंत्र बिचारो।

जाय सहाय भयो तब हीअहिरावन सैन्य समेत सँहारो।
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥7॥

काज कियो बड़ देवन के तुमबीर महाप्रभु देखि बिचारो।
कौन सो संकट मोर गरीब कोजो तुमसों नहिं जात है टारो।

बेगि हरो हनुमान महाप्रभुजो कुछ संकट होय हमारो।
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥8॥

दोहा

लाल देह लाली लसे,अरू धरि लाल लँगूर।
बज्र देह दानव दलन,जय जय कपि सूर॥

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Apr 02, 2026 10:57 AM

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