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Ganesh Dwadash Naam Stotram Lyrics: सुख-समृद्धि से भरा रहेगा जीवन, डेली करें गणेश द्वादश नाम स्तोत्रम् का पाठ

Ganesh Dwadash Naam Stotram Lyrics: भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना जाता है, जिनकी कृपा से बड़े से बड़े संकट से मुक्ति मिल सकती है. यदि आप भी गणपति बप्पा को खुश करना चाहते हैं तो उसके लिए रोजाना गणेश द्वादश नाम स्तोत्रम् का पाठ कर सकते हैं. इसमें भगवान गणेश के 12 नामों का वर्णन किया गया है, जिससे पाप और संकट नष्ट होते हैं. यहां पर आप गणेश द्वादश नाम स्तोत्रम् के लिरिक्स, नियम और लाभ आदि के बारे में जान सकते हैं.

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Written By: Nidhi Jain Updated: Apr 5, 2026 14:27
Ganesh Dwadash Naam Stotram Lyrics
Credit- AI Gemini

Ganesh Dwadash Naam Stotram Lyrics: गणेश द्वादश नाम स्तोत्रम् एक महाशक्तिशाली व अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है, जिसकी रचना ऋषि नारद ने मानव जाति के दुखों और बाधाओं को दूर करने के लिए की थी. इस स्तोत्र में भगवान गणेश के 12 नामों का वर्णन किया गया है. मान्यता है कि इन नामों का सच्चे मन से पाठ करने से मनुष्य को बड़े से बड़े संकट से मुक्ति मिल सकती है. साथ ही विद्या, ज्ञान, समृद्धि, सुख, ऐश्वर्य, अच्छी सेहत और प्रेम आदि की प्राप्ति होती है.

हालांकि, जो लोग रोजाना गणेश द्वादश नाम स्तोत्रम् का पाठ नहीं कर सकते हैं, वो बुधवार, गुरुवार या गणपति बप्पा को समर्पित व्रत-त्योहार पर इसका पाठ कर सकते हैं. चलिए अब जानते हैं गणेश द्वादश नाम स्तोत्रम् के सही लिरिक्स और नियम आदि के बारे में.

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गणेश द्वादश नाम स्तोत्रम्

।।श्रीगणेशाय नमः।।

शुक्लाम्बरधरं विश्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम्।
प्रसन्नवदनं ध्यायेत्सर्वविघ्नोपशान्तयेः॥१॥
अभीप्सितार्थसिद्धयर्थं पूजितो यः सुरासुरैः।
सर्वविघ्नहरस्तस्मै गणाधिपतये नमः॥२॥
गणानामधिपश्चण्डो गजवक्त्नस्त्रिलोचनः।
प्रसन्नो भव मे नित्यं वरदातर्विनायक॥३॥
सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः।
लम्बोदरश्च विकतो विघ्ननाशो विनायकः॥४॥
धूम्रकेतुर्गणाध्यक्षो भालचन्द्रो गजाननः।
द्वादशैतानि नामानि गणेशस्य तु यः पठेत्॥५॥
विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थि विपुलं धनम्।
इष्टकामं तु कामार्थी धर्मार्थी मोक्षमक्षयम्॥६॥
विद्यारंभे विवाहे च प्रवेशे निर्गमे तथा।
स‌ङ्ग्रामे सङ्कटे चैव विघ्नस्तस्य न जायते॥७॥

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॥इति श्रीगणेश द्वादश नाम स्तोत्रम् सम्पूर्णम्॥

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गणेश द्वादश नाम स्तोत्रम् के नियम

  • सुबह, दोपहर या शाम में ही इस स्तोत्र का पाठ करें.
  • गणेश जी की पूजा के बाद स्तोत्र पढ़ें
  • जल्दबाजी में स्तोत्र का पाठ नहीं करना चाहिए.
  • यदि एक बार स्तोत्र पढ़ना शुरू कर दिया है तो उसे बीच में न छोड़ें.
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें.
  • जिस दिन पाठ कर रहे हैं, उस दिन तामसिक भोजन न खाएं.
  • दिनभर नकारात्मक चीजों से दूर रहें.
  • स्तोत्र पढ़ने के बाद दान जरूर करें.
  • गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने आसन पर बैठकर ही स्तोत्र पढ़ें.
  • स्तोत्र के प्रत्येक शब्द का सही उच्चारण करें.
  • स्नान करने के बाद शुद्ध कपड़े धराण करने के पश्चात ही स्तोत्र का पाठ करें.
  • झूठे मुंह से पाठ न करें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Apr 05, 2026 02:27 PM

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