---विज्ञापन---

Religion angle-right

Kinnar Blessings: किन्नरों से मिल जाए बस ये एक चीज, जाग जाती है सोई किस्मत; मनसूबे होते हैं पूरे

Kinnar Blessings: सदियों से हिन्दू संस्कृति में किन्नर समाज का एक अहम हिस्सा रहे हैं. उनके आशीर्वाद को शुभ संकेत माना गया है. आइए जानते है, किन्नर किसी व्यक्ति को आखिर ऐसा क्या देते हैं, जिसे व्यक्ति के जीवन में धन और सकारात्मक अवसर बढ़ते हैं और भगवान की कृपा प्राप्त होती है?

---विज्ञापन---

Kinnar Blessings: किन्नर समाज भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धारा का अहम हिस्सा है. कानूनी रूप से अब इन्हें ‘थर्ड जेंडर’ के रूप में पहचाना जाता है. भारत के धार्मिक ग्रंथों, लोक कथाओं और परंपराओं में किन्नरों का विशेष स्थान रहा है. माना जाता है कि इनके आशीर्वाद और शाप दोनों का असर जल्दी होता है. इसलिए समाज में इन्हें सम्मान देने की परंपरा बनी. आइए जानते हैं कि किन्नर किसी व्यक्ति को ऐसा क्या प्रदान करते हैं, जिससे उसके जीवन में धन और शुभ अवसरों की वृद्धि होती है और साथ ही ईश्वर की कृपा भी बनी रहती है?

शुभ अवसरों पर किन्नरों की उपस्थिति

शादी, बच्चे का जन्म, गृह प्रवेश और त्योहार जैसे मांगलिक अवसरों पर किन्नर घर आते हैं. वे गीत, ताली और शुभ वचन के साथ बधाई देते हैं. बदले में लोग उन्हें मिठाई, कपड़े और धन देते हैं. यह लेनदेन केवल परंपरा नहीं, बल्कि शुभता का प्रतीक माना जाता है.

---विज्ञापन---

आशीर्वाद का खास उपहार

आमतौर पर किन्नर उपहार लेते हैं, पर बहुत कम मौकों पर वे अपनी ओर से कुछ देते भी हैं. मान्यता है कि यदि किन्नर किसी को एक रुपये का सिक्का दें और उसे हथेली पर रख दें, तो किस्मत में सकारात्मक बदलाव आता है. ऐसे व्यक्ति के जीवन में धन और अवसर बढ़ते हैं. यह सिक्का सौभाग्य का संकेत माना जाता है.

ये भी पढ़ें: Navgrah Shanti Yantra: नवग्रह शांति यंत्र क्या है, कैसे काम करता है; घर में स्थापित करने से पहले जान लें ये बातें

---विज्ञापन---

ज्योतिष में मान्यता

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार किन्नरों का संबंध बुध ग्रह से जोड़ा जाता है. बुध बुद्धि, व्यापार और वाणी का कारक है. बुधवार के दिन किन्नर से मिला सिक्का विशेष शुभ माना जाता है. इसे पर्स, तिजोरी या पूजा स्थान में सुरक्षित रखा जाता है. विश्वास है कि इससे आर्थिक स्थिरता बनी रहती है.

सिक्के को रखने के सरल नियम

सिक्के को साफ कपड़े में लपेटकर रखें. समय समय पर उसे श्रद्धा से देखें. उसे व्यर्थ खर्च न करें. धन के स्थान पर रखने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. यह नियम विश्वास पर आधारित हैं, इसलिए आस्था के साथ अपनाए जाते हैं.

---विज्ञापन---

सम्मान है जरूरी

किन्नर समाज के साथ सम्मानपूर्ण व्यवहार सबसे जरूरी है. उन्हें केवल मान्यता या लाभ के नजरिये से न देखें. वे भी समाज का हिस्सा हैं, जिनका अपना संघर्ष और योगदान है. सम्मान देने से सामाजिक संतुलन मजबूत होता है.

ये भी पढ़ें: Panchgrahi Yog 2026 Predictions: साल 2026 का पहला पंचग्रही योग करेगा कमाल, ये 7 राशियां हो जाएंगी मालामाल

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Dec 17, 2025 09:26 AM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola