हिंदू धर्म में ज्योतिष शास्त्र की तरह वास्तु शास्त्र का भी विशेष महत्व है. अक्सर देखा जाता है कि हिंदुओं के घर के निर्माण से लेकर उसमें रखी जाने वाली चीजें वास्तु के अनुसार तय होती हैं. अधिकतर लोग दिशाओं और उनके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए ही अपने घर को बनवाते हैं व व्यवस्थित करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग भी वास्तु शास्त्र को मानते हैं या नहीं? क्या मुसलमान भी अपने घर का निर्माण वास्तु नियमों के अनुसार करवाते हैं? चलिए इस विषय के बारे में विस्तार से जानते हैं.
ये किसी धर्म विशेष से जुड़ा टॉपिक नहीं है

2 / 6
हाल ही में एक प्रतिष्ठित न्यूज चैनल को आर्किटेक्ट हाशिम अहमद ने इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने इस्लाम में वास्तु शास्त्र से जुड़ी मान्यताओं को लेकर बात की है. जब उनसे सवाल किया गया कि 'क्या मुसलमान भी वास्तु शास्त्र मानते हैं?' तो उन्होंने जवाब दिया 'वास्तु किसी धर्म विशेष से जुड़ा टॉपिक नहीं है. ये वैज्ञानिक और जीवनशैली से संबंधित व्यवस्था है.'
वास्तु शास्त्र क्या है?

5 / 6
वास्तु शास्त्र को भारत का एक प्राचीन विज्ञान व कला माना जाता है, जिसके अनुसार घर, दुकान, स्कूल, अस्पताल, मॉल या किसी भी तरह की बिल्डिंग का निर्माण किया जाता है. इसमें बिल्डिंग की दिशा, ऊर्जा और जगह आदि का खास महत्व है, जिसे ध्यान में रखकर ही उसका निर्माण किया जाता है.
वास्तु शास्त्र का महत्व

6 / 6
मान्यता है कि जिस चीज का निर्माण वास्तु के नियमों के अनुसार होता है, वहां हमेशा खुशहाली रहती है. इसके अलावा घर के वातावरण को संतुलित करने के लिए भी वास्तु अनुसार कुछ बदलाव मकान में करने अच्छे रहते हैं. डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी इस्लामिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है. (All Photo Credit- AI Gemini)