Bakrid Special: कल भारत में बकरा ईद है और तमाम मुसलमान ईद उल अजहा पर बकरे की कुर्बानी देंगे. इस दिन मुसलमान अल्लाह की राह में हलाल जानवर की कुर्बानी देते हैं, लेकिन हर साल लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है कि क्या मुर्गे की भी कुर्बानी दी जा सकती है? कई लोग इसको लेकर सोचते रह जाते हैं और सही जवाब ढूंढते रहते हैं. अब आपको सोचने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह लेख आपके लिए मददगार साबित हो सकता है.
बकरा ईद मनाने की वजह

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इसके पीछे की कहानी यह है कि हजरत इब्राहिम को अल्लाह ने आदेश दिया था कि वो अपने बेटे हजरत इस्माइल को कुर्बान कर दें. हजरत इब्राहिम अल्लाह का यह हुक्म माने और अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए, लेकिन जब हजरत इब्राहिम कुर्बानी दे रहे थे तब बीच में बकरा आ गया और कुर्बान हो गया.
क्या मुर्गा हलाल जानवर नहीं है?

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मुर्गा एक हलाल जानवर है, लेकिन बकरीद की कुर्बानी के तौर पर उसकी कुर्बानी देना जायज नहीं है. इसलिए कोई भी मुसलमान ईद पर मुर्गे की कुर्बानी नहीं दे सकता है.
कुर्बानी किन पर वाजिब है?

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कुर्बानी उन मुसलमान औरतों और मर्दों पर वाजिब कर दी गई है जिन लोगों पर जकात फर्ज है. अगर आप ज्यादा मालदार हैं तो आपको ना सिर्फ अपनी बल्कि पैंगंबर, मां-बाप, दादी-दादा या अपनी पत्नी के नाम की भी कर सकते हैं.