Bakrid Special: क्या मुर्गे की दी जा सकती है कुर्बानी? जवाब जानकर रह जाएंगे हैरान

Hen Qurbani Is Halal On Bakrid: मुर्गा हलाल जरूर है, लेकिन क्या बकरीद पर उनकी कुर्बानी दी जा सकती है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि धार्मिक नियमों और परंपराओं के मुताबिक चिकन की कुर्बानी करना कितनी जरूरी है.

kya chicken ki qurbani di ja sakti hai
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बकरीद को लेकर नियम क्या हैं. Image Credit- AI

Bakrid Special: कल भारत में बकरा ईद है और तमाम मुसलमान ईद उल अजहा पर बकरे की कुर्बानी देंगे. इस दिन मुसलमान अल्लाह की राह में हलाल जानवर की कुर्बानी देते हैं, लेकिन हर साल लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है कि क्या मुर्गे की भी कुर्बानी दी जा सकती है? कई लोग इसको लेकर सोचते रह जाते हैं और सही जवाब ढूंढते रहते हैं. अब आपको सोचने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह लेख आपके लिए मददगार साबित हो सकता है.

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बकरा ईद मनाने की वजह

बकरा ईद मनाने की वजह 2 / 6

इसके पीछे की कहानी यह है कि हजरत इब्राहिम को अल्लाह ने आदेश दिया था कि वो अपने बेटे हजरत इस्माइल को कुर्बान कर दें. हजरत इब्राहिम अल्लाह का यह हुक्म माने और अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए, लेकिन जब हजरत इब्राहिम कुर्बानी दे रहे थे तब बीच में बकरा आ गया और कुर्बान हो गया.

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क्या मुर्गे की कुर्बानी दी जा सकती है?

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कुर्बानी के लिए कुछ खास जानवर इस्लाम में बताए गए हैं, जिसमें बकरा, भेड़, दुम्बा, गाय, भैंस और ऊंट शामिल हैं. इसलिए मुर्गा या चिकन की कुर्बानी ईद के मौके पर नहीं दी जा सकती है. इसे भी पढ़ें- चेहरे के रोम छिद्र कैसे करें साफ? अपनाकर देख लीजिए ये आसान और असरदार तरीके

क्या मुर्गा हलाल जानवर नहीं है?

क्या मुर्गा हलाल जानवर नहीं है?4 / 6

मुर्गा एक हलाल जानवर है, लेकिन बकरीद की कुर्बानी के तौर पर उसकी कुर्बानी देना जायज नहीं है. इसलिए कोई भी मुसलमान ईद पर मुर्गे की कुर्बानी नहीं दे सकता है.

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कुर्बानी किन पर वाजिब है?

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कुर्बानी उन मुसलमान औरतों और मर्दों पर वाजिब कर दी गई है जिन लोगों पर जकात फर्ज है. अगर आप ज्यादा मालदार हैं तो आपको ना सिर्फ अपनी बल्कि पैंगंबर, मां-बाप, दादी-दादा या अपनी पत्नी के नाम की भी कर सकते हैं.

कुर्बानी करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

कुर्बानी करते समय किन बातों का रखें ध्यान? 6 / 6

बकरे की कुर्बानी करते वक्त आपको हेल्दी जानवर होना चाहिए. आप कुर्बानी के नियम के मुताबिक जानवर खरीदें और कुर्बानी के बाद जरूरतमंदों और गरीबों में गोश्त जरूर बांटना चाहिए. इसे भी पढ़ें- क्या है वायरल Clock It क्लैप? इस नए Gen Z ट्रेंड का मतलब जानिए यहां

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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