Badrinath Temple: उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में क्यों खास है बद्रीनाथ? जानिए 'धरती के बैकुंठ' का रहस्य

Badrinath Temple: उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु के बद्री नारायण स्वरूप को समर्पित मंदिर है. बद्रीनाथ धाम उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी के तट पर है. यह मंदिर कई मायनों में खास है.

धरती का बैकुंठ है बद्रीनाथ धाम
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Lord Vishnu temple Badrinath

Badrinath Temple: बद्रीनाथ मंदिर को मोक्ष प्राप्ति का स्थान माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर में भगवान की स्वयंभू प्रतिमा है. शालिग्राम शिला से बनी विष्णु भगवान की मूर्ति स्वयं प्रकट हुई मानी जाती है.

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उत्तराखंड के चारधाम में शामिल

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बद्रीनाथ मंदिर उत्तराखंड के चारधाम में शामिल हैं. इस चारधाम यात्रा में पवित्र तीर्थ स्थल यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ शामिल हैं. इस चारधाम यात्रा को यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ के दर्शन करके किया जाता है.

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बड़े चारधाम में शामिल है बद्रीनाथ

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उत्तराखंड के छोटे चारधाम यात्रा के अलावा भारत में बड़े चारधाम की यात्रा भी की जाती है. बद्रीनाथ एक ऐसा मंदिर है जो छोटे-बड़े दोनों ही चारधाम में शामिल हैं. बड़े चारधाम में उत्तर में बद्रीनाथ, पूर्व में जगन्नाथ पुरी, दक्षिण में रामेश्वरम और पश्चिम में द्वारका है.

धरती का बैकुंठ है बद्रीनाथ धाम

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बैकुंठ धाम भगवान विष्णु के परम दिव्य निवास स्थान स्थान को कहते हैं. बैकुंठ धाम का अर्थ है जहां पर कोई भी दुख और निराशा न हो. शास्त्रों में बद्रीनाथ धाम को भू-बैकुंठ यानी धरती का बैकुंठ माना गया है.

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बद्रीनाथ से जुड़े रहस्य

बद्रीनाथ से जुड़े रहस्य5 / 6

बद्रीनाथ धाम के कपाट साल में 6 महीने के लिए खुलते हैं. 6 महीने मंदिर बंद रहता है. मंदिर में अखंड ज्योति जलती रहती है. मंदिर के कपाट खुलने पर दीपक जलता हुआ मिलता है. मंदिर में शंख बजाने की परंपरा नहीं है. मंदिर के पास एक कुंड है जिसका पानी भारी बर्फवारी और शून्य तापमान के बाद भी गर्म रहता है.

कैसे पहुंच सकते हैं बद्रीनाथ धाम

कैसे पहुंच सकते हैं बद्रीनाथ धाम6 / 6

आप बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद अप्रैल-मई से लेकर सितंबर अक्टूबर के बीच बद्रीनाथ जा सकते हैं. मंदिर पहुंचने के लिए ऋषिकेश पहुंचकर जा सकते हैं. ऋषिकेश से टैक्सी या बस के जरिए जोशीमठ के रास्ते बद्रीनाथ जा सकते हैं. (All Photo Credit- Social Media) डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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