आसमान में उड़ते प्लेन के पीछे क्यों नजर आती है सफेद लाइन? ज्यादातर लोग नहीं जानते इसके पीछे का साइंस
White Line In Sky: आसमान में प्लेन उड़ते हुए देखकर अलग ही खुशी मिलती है, लेकिन कभी गौर से देखना क्योंकि उड़ते प्लेन के पीछे आपको सफेद लाइन जरूर दिखाई देगी. यह लाइन क्यों दिखाई देती है, क्या यह धुआं होता है. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.

Plane Ke Peeche Safed Line: उड़ता प्लेन देखने का मजा बचपन में काफी अलग था. हम प्लेन को तब तक देखा करते थे जब तक सफेद लाइन नजर आती थी. ऐसा कई किलोमीटर तक होता था, लेकिन अब मन में सवाल आता है कि आखिर यह सफेद लाइन होती किस चीज की थी और क्यों बनती थी. ज्यादातर लोग इसे विमान से निकलने वाला धुआं समझ लेते हैं, लेकिन असल में यह धुआं नहीं होता. इसके पीछे एक दिलचस्प वैज्ञानिक कारण छिपे हैं और वो क्या हैं, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.
प्लेन के पीछे क्यों दिखती है?
2 / 7हवाई जहाज के पीछे दिखाई देने वाली सफेद लकीर को कॉन्ट्रेल यानी कंडेंसेशन ट्रायल कहा जाता है. यह धुआं नहीं, बल्कि बर्फ के छोटे-छोटे क्रिस्टल और पानी की बूंदें होती हैं. इसे भी पढ़ें-
सफेद लाइन ही क्यों होती है?
3 / 7हवाई जहाज आमतौर पर 30,000 से 40,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हैं. इस ऊंचाई पर तापमान बहुत कम होता है. कई रिसर्च में बताया गया है कि तब तापमान लगभग -40 डिग्री से लेकर -60 डिग्री तक होता है.
प्लेन के इंजन में ईंधन जलना
4 / 7इस दौरान, प्लेन के इंजन में ईंधन जलने पर कार्बन डाइऑक्साइड, जलवाष्प और कुछ गैसें निकलती हैं. यह आसमान में लाइन्स बनकर नजर आती हैं. हालांकि, कभी यह नीचे से दिखाई देती है तो कभी दिखाई नहीं देती है.
हर प्लेन के पीछे बनती है सफेद लाइन?
5 / 7ऐसा नहीं होता है, क्योंकि कॉन्ट्रेल बनने के लिए आसमान में तापमान, नमी और हवा का माहौल एक जैसा होना चाहिए. इसलिए अगर ऊंचाई पर हवा में नमी नहीं होती तो प्लेन के पीछे सफेद लकीर नहीं बनती.
कॉन्ट्रेल जल्दी गायब क्यों हो जाती हैं?
6 / 7आपने देखा होगा कि कुछ सफेद लकीरें कुछ सेकंड में गायब हो जाती हैं, जबकि कुछ लंबे समय तक आसमान में बनी रहती हैं. इसकी वजह हवा है, क्योंकि हवा में नमी कॉन्ट्रेल को बनाए रखने का काम करते हैं.
सफेद लाइन पर्यावरण के लिए अच्छी है?
7 / 7इस पर अभी भी लगातार शोध जारी है, लेकिन कहा जाता है कि लंबे समय तक रहने वाले कॉन्ट्रेल की वजह से वातावरण में रोकने में थोड़ी भूमिका निभा सकते हैं. हालांकि, इसका असर इतना ज्यादा प्रभावित नहीं है. इसे भी पढ़ें-



















