बच्चों को रोजाना कितने बजे सोना चाहिए? डॉक्टर ने बताया बच्चों को रात में जल्दी सुलाने का तरीका

Right Time To Sleep For Children: अगर बच्चे को सही समय पर ना सुलाया जाए तो इससे बच्चे की सेहत बिगड़ सकती है और उसके वृद्धि और विकास पर असर पड़ता है. ऐसे में पीडियाट्रिशियन डॉ. महेश सुलक्षणे से जानिए बच्चों को सुलाने का सही समय क्या है.

Child sleep chart by age
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Child sleep chart by age

Best Time To Sleep For Children: बच्चे अक्सर ही माता-पिता के साथ जागते रहते हैं और खाना खाने के बाद टीवी वगैरह देखने के बाद पैरेंट्स के साथ ही 10-11 बजे के बाद ही सोते हैं. लेकिन, लेट सोना जितना बड़ों के लिए नुकसादायक साबित होता है उससे कही ज्यादा यह बच्चों के लिए हानिकारक है. पीडियाट्रिशियन डॉ. महेश सुलक्षणे ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में डॉक्टर का कहना है कि अगर आपका बच्चा भी रात में 10 बजे के बाद सोता है तो आप उसकी बायोलॉजिकल क्लॉक बिगाड़ रहे हैं. आइए डॉक्टर से ही जानें बच्चे को सुलाने का सही समय क्या है और किस तरह बच्चे को इस सही समय पर सुलाया जा सकता है.

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बच्चे को सुलाने का सही समय

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डॉक्टर ने बताया कि न्यूरोसाइंस डाटा के अनुसार, बच्चों के लिए सोने का सबसे सही समय यानी गोल्डन आवर ऑफ स्लीप है 7 बजे. 5 साल से छोटे बच्चों को शाम 7 बजे तक सुला देना चाहिए. ऐसा लग सकता है कि सोने का यह समय बेहद जल्दी है, लेकिन साइंस कहता है कि बच्चे को 7 बजे तक सुला देना उसकी सेहत के लिए सबसे ज्यादा अच्छा है.

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बच्चे को जल्दी सुलाने का क्या फायदा है

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बच्चे को जल्दी सुलाने से बच्चों की वर्बल मेमोरी बेहतर होती है. बच्चे को जल्दी सोने पर गहरी नींद आती है जिससे हार्मोन रिलीज होते हैं और ग्रोथ में हेल्प करते हैं. बच्चे का मूड अच्छा रहता है, फोकस बेहतर होता है और इम्यूनिटी बैलेंस्ड रहती है.

बच्चों को रात 7 बजे तक कैसे सुलाएं

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डॉक्टर ने बताया कि अगर बच्चे का सही रूटीन सेट कर दिया जाए तो उन्हें 7 बजे तक सुलाया जा सकता है. बच्चों को डिनर जल्दी करने की आदत डालें. हल्का और उम्र के हिसाब से खाना देने के बाद बच्चे को सोने के लिए तैयार करें.

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सोने से पहले नहलाना

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बच्चे को हल्के गर्म पानी से नहलाया जा सकता है. नहाने के समय को बहुत ज्यादा ना खींचे बल्कि कम समय में ही उसे नहला दें. हल्के गर्म पानी से नहाने पर बच्चे की मसल्स रिलैक्स होती हैं और शरीर को सोने का सिग्नल मिलने लगता है.

रोशनी करें कम

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बच्चे को जिस कमरे में सुलाया जा रहा है उस कमरे में सोने के समय से 30 से 40 मिनट पहले ही लाइट को कम कर दें. रोशनी कम हो जाने पर मेलाटॉनिन रिलीज होता है जोकि स्लीप हार्मोन है और बच्चे को अच्छी नींद लेने में मदद मिलती है.

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बेडटाइम रूटीन हो ऐसा

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बच्चे का बेडटाइम रूटीन सिंपल और छोटा रखें. उसे आप सूदिंग एक्टिविटी करवा सकते हैं, शॉर्ट स्टोरी सुना सकते हैं, लोरी सुना सकते हैं या फिर हल्का गोद में सहलाते हुए सुला सकते हैं.

सोने से पहले किसी तरह की स्टिम्यूलेशन ना होना

सोने से पहले किसी तरह की स्टिम्यूलेशन ना होना 8 / 8

बच्चे को सोने से तुरंत पहले टीवी ना दिखाएं, तेज आवाज वाले खेल ना खिलाएं और स्क्रीन एक्सपोजर से पूरी तरह दूर रखें. स्क्रीन एक्सपोजर यानी मोबाइल या टीवी के आगे बैठ जाने पर बच्चे की नींद लेट होने लगती है. यह भी पढ़ें - पानी पूरी को इंग्लिश में क्या कहते हैं? विद्वान भी नहीं बता पाएंगे सही जवाब अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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