Qurbani Kis Janwar Par Jaiz Hai: Eid al-Adha यानी बकरीद मुसलमानों का बेहद खास त्यौहार है. इस दिन सभी मुसलमान अल्लाह की राह में कुर्बानी देते हैं और जरूरतमंदों को गोश्त बांटते हैं, लेकिन इस्लाम में कुर्बानी के लिए कुछ खास नियम बताए गए हैं. इसका पालन करना जरूरी होता है, क्योंकि हर जानवर की कुर्बानी देना सही नहीं माना जाता. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किन जानवरों की कुर्बानी नहीं दी जा सकती और कुर्बानी से जुड़े जरूरी नियम क्या हैं.
किन जानवरों की कुर्बानी दी जाती है?

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ईद पर ओबकरा, भेड़, दुम्बा, गाय, भैंस और ऊंट की कुर्बानी दी जा सकती है. हालांकि, इसमें से कुछ जानवर सरकार के द्वारा प्रतिबंधित जानवर की कुर्बानी भी नहीं दी जा सकती.
किन जानवरों की कुर्बानी नहीं दी जा सकती?

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इस्लामिक किताब कुरान के मुताबिक, ऐसे जानवर (बकरे या भैंस) जिनमें चोट हो या कमजोर हो, उनकी कुर्बानी देना सही नहीं माना जाता. बाकी अंधा या एक आंख से कमजोर जानवर भी नहीं खरीदना चाहिए.
बहुत ज्यादा बीमार जानवर

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ऐसा जानवर जो गंभीर बीमार हो, कमजोर हो या चलने-फिरने में परेशानी महसूस करता हो, उसे कुर्बानी के लिए लायक नहीं माना जाता है. साथ ही, जो जानवर ठीक से चल न सके या बहुत ज्यादा लंगड़ा हो.
मुर्गे की कुर्बानी

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मुसलामान आम दोनों में मुर्गा खाते हैं, लेकिन ईद वाले दिन इसकी कुर्बानी करना जायज नहीं है. इस्लाम में मुर्गे की कुर्बानी नहीं दी जाती, सिर्फ बकरा या भैंस की दी जाती है.
मछली की कुर्बानी

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मछली भी इन्हीं में से एक है, जिसकी कुर्बानी ईद के मौके पर नहीं की जाती है. इस दौरान बकरे या किसी ताकतवर जानवर की कुर्बानी देना जायज है.