Bakrid 2026: हर मुसलमान मक्का में शैतान को पत्थर क्यों मारते हैं? क्या है इतिहास और इस्लामिक संदेश

Shaitan Ko Pathar Kyu Marte Hain: मक्का-मदीना सबसे पाक जगहों में से एक है. यहां पर हज किया जाता है और इस दौरान शैतान को पत्थर भी मारे जाते हैं. ऐसा क्यों किया जाता है, आइए इस लेख में आसान शब्दों में समझते हैं. 

Rajm al-Jamarat hajj ritual eid ul adha 2026
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Rajm al-Jamarat hajj ritual eid ul adha 2026

Stoning Of Devil: हज के दिन चल रहे हैं और बकरीद ईद करीब है. इस बार भारत में बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी. बकरीद के मौके पर दुनिया के लाखों मुसलमान हज के लिए सऊदी अरब के मक्का शहर की ओर रवाना होते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं.  इस दौरान कई अरकान पूरे किए जाते हैं, जिसमें से  “रमी अल-जमरात” भी शामिल है. इस अरकान में शैतान को कंकड़ मारे जाते हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर ऐसा क्यों किया जाता है और इसके पीछे क्या धार्मिक संदेश छिपा है. अगर आपको नहीं पता है तो यह लेख आपकी मदद कर सकता है.

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धुल हिज्जा के महीने में किया जाता है हज

धुल हिज्जा के महीने में किया जाता है हज2 / 7

यह महीना वैसे ही बहुत खास और पाक माना जाता है. इसी महीने में मुसलमान हज करने के लिए मक्का-मदीना जाते हैं, जो हर उस मुसलमान पर फर्ज है जो आर्थिक तौर पर मजबूत है. इस महीने के 10 दिनों में हज के अरकान और बकरे की कुर्बानी दी जाती है. इसे भी पढ़ें- दुनिया का इकलौता ‘Rainbow Mountain’! आखिर क्यों रंग-बिरंगा दिखता है पेरू का ये पहाड़

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क्या है शैतान को पत्थर मारने की रस्म?

क्या है शैतान को पत्थर मारने की रस्म?3 / 7

हज के अरकान पूरा करने के लिए मुस्लिम मीना जाते हैं. यहीं पर जमरात नाम की जगह पर शैतान को कंकड़ मारे जाते हैं. यहां पर तीन बड़े स्तंभ बनाए गए हैं और लोग यहीं पर छोटे-छोटे कंकड़ मारते हैं, जिसे रमी कहा जाता है. इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है.

हजरत इब्राहिम से जुड़ी है यह कहानी

हजरत इब्राहिम से जुड़ी है यह कहानी4 / 7

इस्लामिक किताब कुरान के मुताबिक, हजरत इब्राहिम को अल्लाह ने अपने बेटे की कुर्बानी देने का हुकुम दिया था. जब वह अल्लाह के हुक्म को पूरा करने जा रहे थे, तब शैतान ने उन्हें बहकाने और रोकने की कोशिश की.

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हजरत इब्राहिम ने मारे थे कंकड़े

हजरत इब्राहिम ने मारे थे कंकड़े 5 / 7

शैतान हजरत इब्राहिम को अल्लाह का आदेश मानने से रोक रहा था. वह तीन अलग-अलग जगहों पर आया और तब हजरत इब्राहिम ने उसे भगाने के लिए कंकड़ मारे थे. इसलिए हर मुसलमान आज भी हज के दौरान शैतान को कंकड़ मारते हैं.

क्या है इस रस्म का इस्लामिक संदेश?

क्या है इस रस्म का इस्लामिक संदेश?6 / 7

इस रस्म का मतलब सिर्फ पत्थर मारना नहीं है, बल्कि इसे इंसान के भीतर मौजूद बुराइयों, लालच, गुस्से और गलत रास्तों को ठुकराने का जरिया माना जाता है. जब जमरात पर कंकड़ मारते हैं तो वह यह संदेश देते हैं कि इंसान को हर हाल में बुराई और शैतानी सोच से दूर रहना चाहिए.

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हज का बेहद अहम हिस्सा है यह रस्म

हज का बेहद अहम हिस्सा है यह रस्म7 / 7

“रमी अल-जमरात” हज की जरूरी रस्मों में से एक मानी जाती है. लाखों लोग तय समय पर इस रस्म को निभाते हैं. ऐसे ही, बकरीद का त्योहार भी हजरत इब्राहिम की उसी कुर्बानी की याद में मनाया जाता है. इसे भी पढ़ें- Heatwave Drinks: गर्मी-लू का होगा खेल खत्म! ये 5 देसी ड्रिंक्स शरीर को देंगी AC जैसी ठंडक

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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