दुनिया के सबसे बड़े सिंगल स्पोर्टिंग इंवेट की जल्द ही शुरुआत होने वाली है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकीं रहेंगी. इस बार फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं और पूरी दुनिया की नजर इस पर रहेंगी कि सबसे महंगी ट्रॉफी कौन जीतेगा.
कब से शुरू हो रहा फीफा वर्ल्ड कप?

2 / 6
अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में 12 जून से दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल स्पोर्ट इवेंट शुरू होने जा रहा है. नाम है- फीफा वर्ल्ड कप 2026. इसमें 48 टीम हिस्सा ले रही हैं, जो दुनिया की सबसे मशहूर और सबसे महंगी ट्रॉफी के लिए दावेदारी पेश करेंगी.
ये है दुनिया की सबसे महंगी ट्रॉफी

3 / 6
जी हां, दुनिया के किसी भी खेल की सबसे महंगी ट्रॉफी फीफा वर्ल्ड कप में दी जाती है और इसकी कीमत आपको चौंका देगी. पहले तो आपको बता दें कि ये ट्रॉफी 18 कैरेट सोने से बनी है और इसमें 6.175 किलोग्राम सोना लगा है. वहीं इसका बेस हरे रंग के 'मैलाकाइट' (Malachite) पत्थरों की दो परतों से बना होता है.
कितनी है इस ट्रॉफी की कीमत?

4 / 6
इस ट्रॉफी की कीमत की बात करें तो, इसमें इस्तेमाल हुए सोने और मैलाकाइट की वास्तविक कीमत करीब 6,16,300 डॉलर यानि लगभग 5.1 करोड़ रुपये है. मगर मौजूदा समय में इसकी मार्केट वैल्यू करीब 2 करोड़ डॉलर यानि लगभग 192 करोड़ रुपये है.
जीती हुई टीम को नहीं मिलती ये ट्रॉफी?

5 / 6
बता दें कि हर वर्ल्ड कप फाइनल के बाद ये ट्रॉफी जीतने वाली टीम को दी तो जाती है लेकिन फिर इसे वापस ले लिया जाता है. फिर इसे ज्यूरिख में FIFA के हेडक्वार्टर में रखा जाता है. वहीं विजेता टीम को एक हूबहू रेप्लिका ट्रॉफी दी जाती है, जिसे वो अपने पास रखती है.
1970 के दशक में बनी थी इस ट्रॉफी की डिजाइन

6 / 6
इस ट्रॉफी को 1970 के दशक में इटली के मूर्तिकार सिल्वियो गाजानिया ने डिजाइन किया था. फिर सबसे पहले ये ट्रॉफी 1974 के वर्ल्ड कप में वेस्ट जर्मनी ने जीती थी. उसके बाद से ही फिलहाल 52 साल से ये ट्रॉफी विजेता को दी जा रही है.