भारत में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है और बिना एसी के एक पल भी बैठा ही नहीं जा रहा है. अब लगातार एसी चलने के कारण बिल भी बहुत ज्यादा आ रहा है. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि जब भारत में गर्मी से ये हाल है तो दुबई में क्या हाल होता होगा? वहां तो इतनी ज्यादा गर्मी पड़ती है कि लगातार सबके घरों में एसी चलता ही रहता है.
दुबई का तापमान 50 डिग्री तक जाता है

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दुबई में ऊंची-ऊंची इमारतें हैं, उनका लाइफस्टाइल भी लग्जरी है और भीषण गर्मी भी होती है. गर्मी में दुबई का तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. ऐसे मौसम में एयर कंडीशनर (AC) कोई सुविधा नहीं बल्कि एक जरूरत बन जाता है और इसी के कारण वहां हर समय दिन-रात एसी ऑन ही रहता है. ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल आता है कि आखिर दुबई में लोगों के घरों का बिजली का बिल कितना आता होगा. तो चलिए आज आपको बताते हैं.
दुबई में एसी क्यों है जरूरी?

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अगर हम एसी के मामल में भारत और दुबई की तुलना करें तो दोनों की स्थिति बेहद अलग है. भारत की बात करें तो यहां के लोग सिर्फ गर्मियों के महीने में ही AC चलाते हैं, लेकिन दुबई में हालात अलग हैं. यहां साल के अधिकांश समय मौसम काफी गर्म रहता है. मई से सितंबर तक की गर्मी इतनी ज्यादा होती है कि बिना AC के घर के अंदर रहना भी मुश्किल हो सकता है. इसी कारण ज्यादातर घरों में AC लगातार चलते रहते हैं. कई आधुनिक इमारतों में तो सेंट्रल कूलिंग सिस्टम लगा होता है, जो पूरी बिल्डिंग को ठंडा रखता है.
किन बातों पर निर्भर करता है बिजली का बिल?

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दुबई में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि बिजली का बिल हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं होता. यह कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे- घर का आकार कितना बड़ा है, परिवार में कितने लोग रहते हैं, AC का उपयोग कितना होता है, सेंट्रल AC है या स्प्लिट AC. यही वजह है कि किसी का बिल कम तो किसी का काफी ज्यादा हो सकता है.
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आम लोगों का कितना आता है बिल?

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मिली जानकारी के अनुसार, दुबई में रहने वाले एक छोटे परिवार का मासिक बिजली बिल आमतौर पर 300 से 800 दिरहम के बीच आता है. भारतीय रुपये में देखें तो यह लगभग 7,000 से 18,000 रुपये के आसपास बैठता है. वहीं, बड़े विला या लग्जरी घरों में रहने वाले लोगों का बिल 1,000 से 3,000 दिरहम या उससे भी अधिक हो सकता है. यानी भारतीय मुद्रा में यह 20,000 रुपये से लेकर 70,000 रुपये या उससे ज्यादा तक पहुंच सकता है.
बिल का सबसे बड़ा खर्च है AC

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दुबई में बिजली खपत का सबसे बड़ा कारण एयर कंडीशनिंग ही है. कई रिपोर्टों के अनुसार, गर्मियों में घर की कुल बिजली खपत का 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा केवल AC से जुड़ा हो सकता है. यानी अगर कोई व्यक्ति AC का उपयोग कम कर दे या तापमान थोड़ा बढ़ाकर रखे, तो उसके बिजली बिल में अच्छी-खासी बचत हो सकती है.
दुबई के लोग कैसे संभालते हैं अपना खर्च?

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आपको बता दें कि दुबई में रहने वाले लोगों की औसत आय कई देशों की तुलना में काफी ज्यादा होती है. इसके अलावा कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को हाउसिंग अलाउंस और अन्य सुविधाएं भी देती हैं. कई रिहायशी इमारतों में कई एडवांस फैसिलिटी होती है, जिससे एनर्जी की बचत होती है. नई बिल्डिंग में बेहतर इंसुलेशन और स्मार्ट तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाता है ताकि AC पर कम दबाव पड़े.