सरकार द्वारा मई के महीने में मैसेज अलर्ट सिस्टम यानी की सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस को शुरू किया गया था. लेकिन अब सरकार ने इसे अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. एएनआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) से अधिकारियों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी है.
प्राधिकरण ने एडवाइजरी में क्या कहा?

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प्राधिकरण ने एडवाइजरी में बताया है कि यह फैसला सावधानी के तौर पर लिया है और अगले ऐलान तक प्रभावी रहेगा. सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस के तहत सभी लोगों के स्मार्टफोन पर तेज आवाज के साथ एक मैसेज फ्लैश होता था.
क्या है सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस?

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सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस के तहत भारतीय जनता तक अलर्ट भेजा जाता था. इस सिस्टम की मदद से इमरजेंसी अलर्ट और आपदा संबंधी जानकारी को तुरंत भेजा जाता है, ताकि लोग खुद को सुरक्षित कर सकें. हाल ही में उत्तर भारत के कई इलाकों में आई तेजी आंधी, तूफान और ओलावृष्टि को लेकर प्राधिकरण ने सेल ब्रॉडकास्ट के जरिए अलर्ट भेजे.
क्यों सस्पेंड हुई सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस?

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प्राधिकरण के अधिकारियों की तरफ से इस सर्विस को सस्पेंड करने के पीछे का कारण नहीं बताया गया है. संकेत दिया है कि संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर एक जरूरी तकनीकी और उसके प्रोसेस की समीक्षा हो सकती है. ब्रॉडकास्ट सेल सर्विस के तहत यूजर्स तक रियल टाइम अलर्ट भेजा जाता है, यह नॉर्मल SMS की सर्विस से काफी अलग है. अलर्ट सिस्टम के लिए मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट कनेक्टिविटी की जरूरत नहीं होती है.
मई की शुरूआत में हुई थी लॉन्चिंग

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मई के महीने में सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम की शुरुआत हो चुकी है. सरकार अब तक इसकी मदद से कई लोगों के पास अलर्ट भी भेज चुकी है. आपदा और इमरजेंसी के दौरान भारतीय नागरिकों को अलर्ट भेजने के लिए इसको तैयार किया था. इसकी मदद से बदलते मौसम को लेकर भी अलर्ट भेजा जा सकता है.
तेज आवाज के साथ स्क्रीन पर मैसेज फ्लैश

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सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम के तहत स्क्रीन पर एक टॉप प्रोयोरिटी पर पॉपअप नोटिफिकेशन नजर आता है. मैसेज फ्लैश होने के साथ तेज आवाज का साउंड बजने लगता है. कुछ डिवाइस मैसेज पढ़कर भी सुनाया जाता है.
सरकारी एजेंसियों ने मिलकर किया डेवलप

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सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने दूरसंचार विभाग (DoT), एनडीएमए और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर तैयार किया है. इस सिस्टम का इस्तेमाल किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद मोबाइल यूजर्स को इमरजेंसी अलर्ट भेजने में किया जाता है.
क्या ये सिस्टम SMS सर्विस से अलग है?

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सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट असल में पारंपरिक SMS- अलर्ट सिस्टम की तुलना में काफी अलग है. SMS सर्विस की कई सीमाएं होती हैं और वह मोबाइल सिग्नल पर भी निर्भर करता है. भारी नेटवर्क ट्रैफिक के दौरान SMS सेवाओं में अक्सर देरी हो जाती है.