संयुक्त राष्ट्र (यूएन) आज यानी शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस के मौके पर भारत के दो वीर शांति रक्षकों को मरणोपरांत सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करेगा. इसके साथ ही भारतीय सेना की महिला अधिकारी मेजर अभिलाषा बराक को भी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जाएगा. यह सम्मान वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका और भारतीय सैनिकों की बहादुरी का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है.
दो भारतीय जनावों को मिलेगा मरणोपरांत सम्मान

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस एक विशेष समारोह में भारतीय सेना के दो वीर जवानों को मरणोपरांत प्रतिष्ठित डैग हैमर्सजोल्ड मेडल से सम्मानित करेंगे. इन जवानों ने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के दौरान कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था.
लांस हवलदार हरभजन सिंह ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में संयुक्त राष्ट्र के स्थिरीकरण मिशन मोनुस्को (MONUSCO) के तहत अपनी सेवाएं दी थीं. ड्यूटी के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की थी. नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन यूएनमिस (UNMISS) के तहत तैनात थे. शांति मिशन के दौरान उन्होंने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान
कौन हैं कैप्टन अभिलाषा बराक?

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हरियाणा के पंचकूला की रहने वालीं कैप्टन अभिलाषा बराक ने भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट एविएटर बन कर भारत का नाम रोशन कर दिया है. वहीं, पूरे देश को अभिलाषा की इस उपलब्धि पर गर्व है. सैन्य पृष्ठभूमि से संबंध रखने वालीं और सैन्य छावनियों में पली-बढ़ीं अभिलाषा को शुरू से रोमांचक जीवन का शौक था. उनके पिता कर्नल ओम सिंह बराक ने बताया कि उनके परिवार की पृष्ठभूमि सेना से जुड़ी है.
भूपेंद्र सिंह हु्ड्डा ने की अभिलाषा की तारीफ

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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, हरियाणा की जांबाज बेटी कैप्टन अभिलाषा बराक को भारतीय सेना की आर्मी एविएशन कोर की लड़ाकू पायलट के रूप में पहली महिला अधिकारी बनने पर बधाई व शुभकामनाएं. अभिलाषा की शानदार उपलब्धि ने प्रदेश और देश की बेटियों को सफलता की उड़ान के लिए प्रेरित किया है. पूरा प्रदेश गौरवान्वित है.
मेजर अभिलाषा बराक को मिलेगा बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान

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बता दें कि तरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस के कार्यक्रम में भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक को वर्ष 2025 के “मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर” पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. मेजर अभिलाषा को यह सम्मान लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) में तैनाती के दौरान महिला सशक्तिकरण और लैंगिक जागरूकता के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जा रहा है. वर्तमान में वह यूएनआईएफआईएल के तहत फीमेल एंगेजमेंट टीम की कमांडर के रूप में कार्यरत हैं.
पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट

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मेजर अभिलाषा बराक भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट भी हैं. वह मेजर सुमन गवानी और मेजर राधिका सेन के बाद यह प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाली तीसरी भारतीय महिला सैन्य अधिकारी बन गई हैं.